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अजमेर जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या पर बवाल; मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठा परिवार, बेटे ने दी खुली धमकी

अजमेर: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद खूंखार डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला बेहद गरमा गया है। जगन गुर्जर की मौत के विरोध में उसके परिजन अजमेर के जेएलएन (JLN) हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी समझाइश की कोशिशों में जुटे हैं।

 

"मैं जगन गुर्जर का खून हूँ, घर में घुसकर मारना जानता हूँ" — बेटे की खुली चेतावनी

जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए आसाराम ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और खुली धमकी देते हुए कहा:

"मैं जगन गुर्जर का खून हूँ... मैं घर में घुसकर मारना भी जानता हूँ और जेल में भी मारना जानता हूँ, इसका जवाब फिर सरकार देगी। जब तक प्रशासन हमारी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना जारी रहेगा। मेरे पिता खत्म हो चुके हैं तो मैं जी कर क्या करूँगा, यहीं अपने प्राण त्याग दूँगा।"

 

"30 किलो का आरोपी हट्टे-कट्टे पिता को अकेले नहीं मार सकता, जेल प्रशासन शामिल"

बेटे आसाराम का आरोप है कि यह मर्डर एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत किया गया है। उसने जेल प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा, "हमें किसी एक व्यक्ति पर शक नहीं है, क्योंकि एक अकेला व्यक्ति मेरे पिता की हत्या नहीं कर सकता। कहां आरोपी 30 किलो का और मेरे पिता इतने हट्टे-कट्टे इंसान थे। इससे पहले सेवर जेल में भी पिता को मारने की साजिश हुई थी, तब वे अकेले ही 15 लोगों पर भारी पड़ गए थे।"

 

चाचा पप्पू गुर्जर की जान को खतरा, धौलपुर जेल शिफ्ट करने की मांग

आसाराम ने बताया कि कुछ समय पहले उसने अपने चाचा पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से मुलाकात की थी और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से उन्हें शिफ्ट करने के लिए ज्ञापन दिया था, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। परिजनों की मांग है कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है, इसलिए उन्हें तुरंत धौलपुर जेल में ट्रांसफर किया जाए।

 

भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेगा डकैत पप्पू गुर्जर

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सीओ मनीष बडगुर्जर ने बताया कि परिजनों की मांगों से सीनियर अफसरों को अवगत करा दिया गया है। इस बीच, हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत पप्पू गुर्जर को अपने भाई जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले की जांच के तहत मंगलवार को जेल उपाधीक्षक भंवर सिंह समेत ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं।

 

बैरक के साथी ने तौलिए से दबाया गला: क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि धौलपुर के डांग (भवुतीपुरा) के रहने वाले कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी और हार्डकोर बंदी विष्णु ने जगन गुर्जर का तौलिए से गला घोंटकर मर्डर कर दिया। ये दोनों एक ही बैरक में बंद थे।

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