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पटवार भर्ती 2021: 5 लाख देकर डमी अभ्यर्थी से दिलाई थी परीक्षा, 18 महीने से फरार 10 हजार की इनामी महिला पटवारी गिरफ्तार

जयपुर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा आयोजित पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी ने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला चुंकी बाई (41 वर्ष) पिछले 18 महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी, जिस पर एसओजी ने 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर रखा था।

 

5 लाख रुपये देकर डमी अभ्यर्थी से दिलाई थी परीक्षा; भरतपुर में मिली थी नियुक्ति

जांच में सामने आया कि आरोपी चुंकी बाई ने पटवारी की नौकरी पाने के लिए साजिश रची थी:

  • सौदेबाजी: उसने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने के लिए करीब 5 लाख रुपये नकद दिए थे।

  • सरकारी नौकरी: परीक्षा में चयन होने के बाद आरोपी महिला को भरतपुर जिले के कुम्हेर तहसील अंतर्गत पटवार हल्का ईंदू में पटवारी के पद पर नियुक्ति भी मिल गई थी।

 

मॉर्फ्ड फोटो और फर्जी हस्ताक्षर से दिया फर्जीवाड़े को अंजाम

एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया:

  • एडमिट कार्ड में हेरफेर: आरोपी चुंकी बाई ने अपने प्रवेश पत्र (Admit Card) पर अपनी और डमी अभ्यर्थी की मिक्स/मॉर्फ्ड (Morph) फोटो लगाई थी।

  • फर्जी हस्ताक्षर: फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए डमी अभ्यर्थी ने 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर बैठकर परीक्षा दी थी।

 

डमी अभ्यर्थी शिक्षिका पहले ही हो चुकी है गिरफ्तार

इस फर्जीवाड़े में शामिल डमी अभ्यर्थी नेमी बाई उर्फ सम्मी उर्फ सुमिता (34 वर्ष) को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है:

  • आरोपी की पहचान: नेमी बाई मूल रूप से काबुली (थाना धोरीमन्ना, बाड़मेर) की निवासी है और वर्तमान में सांचौर क्षेत्र में रह रही थी।

  • निलंबित शिक्षिका: नेमी बाई तृतीय श्रेणी अध्यापिका (Teacher) के पद पर कार्यरत थी, जिसे मामला सामने आने के बाद पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

 

गोपनीय शिकायत पर दर्ज हुआ केस; 18 महीने तक ठिकाने बदलती रही आरोपी

एसओजी कार्यालय को मिली एक बेहद गोपनीय शिकायत के आधार पर मामले की प्राथमिक जांच की गई और आरोप सही पाए जाने पर प्रकरण संख्या 62/2024 दर्ज किया गया:

  • कड़ी धाराएं: मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं—धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र—और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 1992 के तहत केस दर्ज किया गया।

  • फरारी और इनाम: केस दर्ज होने के बाद चुंकी बाई पिछले 18 महीने से फरार चल रही थी और डीग, भरतपुर तथा जालोर में अपने ठिकाने बदल-बदल कर छिप रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर डीआईजी एसओजी द्वारा 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद टीम ने आखिरकार उसे धर दबोचा।

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