सीरियाई मीडिया के मुताबिक, इन धमाकों में कम से कम 18 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। सुरक्षा बलों ने तुरंत आसपास की सड़कों को बंद कर राहत एवं जांच अभियान शुरू किया।
धमाकों के कुछ समय बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा, "सीरिया के लोग एक पूरी तरह आजाद, सुरक्षित, एकजुट और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाला देश चाहते हैं। उनके इस सपने को कोई नहीं रोक सकता। मेरा दौरा जारी रहेगा।" उनके इस बयान को सुरक्षा स्थिति के बावजूद सीरिया के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मैक्रों सोमवार को दमिश्क पहुंचे थे। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद वह सीरिया का दौरा करने वाले पहले प्रमुख यूरोपीय नेता बन गए हैं। दमिश्क हवाई अड्डे पर उनका स्वागत सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक उमय्यद मस्जिद का भी दौरा किया।
मैक्रों के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित सीरिया के पुनर्निर्माण, विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर चर्चा करना है। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, वित्त और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी बातचीत चल रही है।
हाल के दिनों में दमिश्क में सुरक्षा संबंधी घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले 3 जुलाई को पैलेस ऑफ जस्टिस के पास स्थित एक कैफे में बम धमाका हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लगाया गया था। मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया था।
दमिश्क के गवर्नर माहेर मरवान इदलिबी ने उस समय कहा था कि कुछ असामाजिक तत्व देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली थी और न ही अधिकारियों ने उसे किसी विशेष संगठन से जोड़ा था।
ताजा धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और विस्फोटों के कारणों की जांच में जुटी हैं। अभी तक किसी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है तथा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है।