सिंघाना थानाधिकारी सुगन सिंह ने बताया कि पीड़ित राहुल बावरिया की मां मंजू ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। घटना की शुरुआत तब हुई जब राहुल अपने प्लॉट में सूखी लकड़ी काट रहा था। तभी पड़ोसी रोहताश, उसकी पत्नी प्रेमीदेवी, बेटा इंद्र और बहू सरोज कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचे और जबरन खेजड़ी का हरा पेड़ काटने लगे। राहुल और उसकी बहन आशा ने जब इसका विरोध किया, तो मामला मारपीट तक पहुंच गया।
परिजनों का आरोप है कि रोहताश के परिवार ने राहुल पर हमला कर उसे मौके पर ही पीट-पीटकर बेहोश कर दिया। इसके बाद आरोपी उसे घसीटते हुए अपने घर के आंगन में ले गए। वहां राहुल को एक पेड़ से बांध दिया गया और होश आने पर दोबारा लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया।
आरोपियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि राहुल को कोई बचा न सके, घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया। करीब चार घंटे तक राहुल दर्द से चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। राहुल की मां ने बताया कि आरोपियों की नीयत उसे जान से मारने की थी।
जब राहुल को बंधक बना लिया गया, तब उसकी बहन ने भागकर पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही सिंघाना पुलिस मौके पर पहुंची और ताला खुलवाकर राहुल को छुड़वाया। उस समय राहुल के मुंह से खून निकल रहा था और पूरे शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे। पुलिस उसे तुरंत सिंघाना हॉस्पिटल ले गई, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।
पुलिस ने रोहताश और उसके परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ जानलेवा हमला करने और बंधक बनाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।