किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ दुष्कर्म, अवैध गर्भपात और उसकी दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस की विशेष जांच दल ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने किश्तवाड़ जिला अस्पताल में कार्यरत एक नर्स को गिरफ्तार किया है। इस दिल दहला देने वाली वारदात में अब तक कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। SIT की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस अपराध में शामिल अन्य लोगों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।
किश्तवाड़ जिला अस्पताल में नर्स के पद पर तैनात सोनिका को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नर्स के खिलाफ पॉक्सो एक्ट भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि अस्पताल में भर्ती नाबालिग का अवैध रूप से गर्भपात कराने में इस नर्स की सक्रिय भूमिका थी।
सरकारी शिक्षक ने किया यौन शोषण, भाई के साथ मिलकर दी गर्भपात की दवा
मामले की शुरुआती जांच में मुख्य आरोपियों की शर्मनाक करतूत सामने आई थी। आरोपी सरकारी स्कूल के शिक्षक ने नाबालिग का बार-बार यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। जब लड़की गर्भवती हो गई, तो शिक्षक ने अपने भाई के साथ मिलकर उसे जबरन गर्भपात कराने वाली दवाइयां खिला दीं। तबीयत बिगड़ने पर आरोपी पहले लड़की को छत्रू के एक पब्लिक हेल्थ सेंटर ले गए। वहां तैनात एक सफाईकर्मी की मिलीभगत से नाबालिग को गुप्त रूप से किश्तवाड़ जिला अस्पताल ट्रांसफर कराया गया।
20 अगस्त को हुई थी नाबालिग की मौत, आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां
जबरन कराए गए अवैध और असुरक्षित गर्भपात के कारण नाबालिग की जान चली गई। 20 अगस्त का हादसा: छत्रू इलाके में असुरक्षित तरीके से गर्भपात की कोशिश के दौरान नाबालिग ने एक मृत शिशु को जन्म दिया और अत्यधिक रक्तस्राव व तबीयत बिगड़ने से 20 अगस्त को उसकी मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि SIT इस पूरे मामले की वैज्ञानिक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।