जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने नाचना उपनिवेशन विभाग के पटवार हल्का अजासर में तैनात पटवारी लखवीर यादव और उसके निजी दलाल जेटूसिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, एक परिवादी ने जैसलमेर चौकी में उपस्थित होकर पटवारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया था कि उसके पिता के खेत की पुनः तरमीन (नक्शा दुरुस्ती) करने, राजस्व रिकॉर्ड में नाम इंद्राज करने और पैमाइश की मौका रिपोर्ट तैयार करने के बदले पटवारी लखवीर यादव लगातार परेशान कर रहा था। पटवारी ने इस काम के एवज में अपने प्राइवेट दलाल जेटूसिंह के जरिए 50 हजार रुपए की मोटी घूस मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने बेहद गोपनीय तरीके से इसका सत्यापन करवाया। जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद नारायण टोगस (उप महानिरीक्षक पुलिस, एसीबी जोधपुर) के सुपरविजन में जैसलमेर चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतचन्द के नेतृत्व में ट्रैप की एक पुख्ता रणनीति तैयार की गई।
शुक्रवार को तय योजना के मुताबिक, जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से ही आसपास घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत दबिश दी। टीम ने मौके पर ही पटवारी लखवीर यादव और उसके दलाल जेटूसिंह को दबोच लिया। तलाशी के दौरान दलाल जेटूसिंह के कब्जे से रिश्वत के पूरे 50 हजार रुपए नकद बरामद कर लिए गए।
गिरफ्तारी की कार्रवाई के तुरंत बाद एसीबी की टीम आरोपी पटवारी लखवीर यादव को साथ लेकर उसके सरकारी आवास पर पहुंची। वहाँ टीम द्वारा गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। टीम घर की अलमारियों, बैंक खातों के विवरण, जमीन-जायदाद से जुड़े कागजात और अन्य बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रही है, ताकि काली कमाई का पूरा सच सामने आ सके।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसीबी जयपुर) स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। एसीबी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी और तकनीकी जांच को आगे बढ़ाएगी।