कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भड़की हिंसा में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला उलझता जा रहा है। पुलिस को अंदेशा है कि इस वारदात को बेहद शातिराना तरीके से 'प्रोफेशनल शूटर्स' के जरिए अंजाम दिया गया है।
जांच में जुटी पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है:
दूसरी बाइक बरामद: पुलिस ने गुरुवार रात बारासात में 11 नंबर रेल गेट के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक बरामद की है।
दमदम से हुई थी चोरी: जांच में पता चला है कि यह बाइक पहले दमदम इलाके से चोरी की गई थी, ताकि हमलावरों की पहचान छुपाई जा सके।
सटीक हमला: जिस तरह से 42 साल के चंद्रनाथ को सीने और पेट में करीब से गोलियां मारी गईं, वह किसी नौसिखिए का नहीं बल्कि ट्रेंड शूटर का काम लग रहा है।
वारदात के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं:
हिरासत: पुलिस ने अब तक 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
जांच का दायरा: पुलिस सीसीटीवी फुटेज और डोलतला इलाके के मोबाइल टॉवर डंप डेटा को खंगाल रही है ताकि हमलावरों के रूट का पता लगाया जा सके।
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद सुवेंदु अधिकारी के पिछले सहायकों की मौतों की चर्चा भी फिर से शुरू हो गई है। इसे महज संयोग कहें या कुछ और, सुवेंदु के साथ जुड़े कई लोगों की मौत पहले भी असामान्य रही है:
2013: सुवेंदु जब TMC में थे, तब उनके निजी सहायक प्रदीप झा की मौत हुई। इसे सामान्य मौत माना गया।
2018: उनके पीएसओ शुभव्रत चक्रवर्ती मृत मिले, जिसे पुलिस ने आत्महत्या करार दिया।
2021: एक और पीए पुलक लाहिड़ी की भी असामान्य परिस्थितियों में मौत हुई थी।
बुधवार रात करीब 10:30 बजे हुई इस हत्या ने बंगाल में एक बार फिर 'चुनावी रंजिश' और 'राजनीतिक हत्याओं' के दौर की याद दिला दी है। सुवेंदु अधिकारी ने इसे सीधे तौर पर राजनीतिक हत्या करार दिया है, जबकि पुलिस इसे हर एंगल से जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही मुख्य शूटरों तक पहुंच जाएंगे, लेकिन फिलहाल मध्यमग्राम और बारासात जैसे इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है।