जयपुर: जयपुर वेस्ट जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 18 वर्षों से फरार चल रहे ₹10,000 के इनामी बदमाश राकेश कुमार जांगिड़ (48) को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से गिरफ्तार किया है। आरोपी 25 जून को भारत छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भागने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही उसे दबोच लिया गया। हालांकि, इस गिरफ्तारी के बाद जयपुर पुलिस की भारी फजीहत हो रही है, क्योंकि फरार रहने के दौरान आरोपी पुलिस के ही आला अफसरों के साथ बेखौफ होकर घूम रहा था।
इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि पुलिस की फाइलों में 'फरार' आरोपी असल में पुलिस के ही बीच मौजूद था:
IPS अफसर के साथ रील: जिसे पुलिस करीब दो दशकों से ढूंढने का दावा कर रही है, वह आरोपी राकेश कुमार जांगिड़ करीब 6 महीने पहले ही आईपीएस (IPS) अधिकारी किशन सहाय के साथ बैठकर बकायदा वीडियो बनवा रहा था। आरोपी ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया था।
थानेदार के साथ भी पुराना कनेक्शन: इतना ही नहीं, आरोपी ने करीब 1 साल पहले भी जयपुर के तत्कालीन मानसरोवर थानाधिकारी लाखन सिंह के साथ एक वीडियो बनाया था। वह लगातार बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करके आम लोगों और आपराधिक जगत में अपनी ऊंची पहुंच की धाक जमाने का प्रयास करता था।
आरोपी पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को तकनीकी अनुसंधान और खुफिया तंत्र का सहारा लेना पड़ा:
टॉप-10 वांछितों में था शामिल: डीसीपी वेस्ट (DCP West) प्रशांत किरण ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में फरार और वांछित बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सदर थाना पुलिस ने आरोपी राकेश कुमार जांगिड़ को सदर थाने के 'टॉप-10 वांछित अपराधियों' की सूची में शामिल किया था।
एयरपोर्ट पर बिछाया जाल: पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि आरोपी देश छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भागने की फिराक में है और दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुका है। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने तकनीकी सबूतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की और उसे आईजीआई एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले दबोच लिया।
राकेश कुमार जांगिड़ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, लेकिन इतने सालों तक उसकी गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े करता है:
पुराने मुकदमों में था वांटेड: डीसीपी वेस्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार जांगिड़ साल 2008 और 2009 के दौरान जयपुर के विभिन्न थानों में दर्ज हुए चार अलग-अलग आपराधिक मामलों में लंबे समय से वांछित चल रहा था।
खड़ा हुआ बड़ा विवाद: इस गिरफ्तारी के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि जो अपराधी जयपुर पुलिस के टॉप-10 अपराधियों में शामिल था और जिस पर इनाम घोषित था, वह जयपुर में ही तैनात बड़े पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों और कमरों तक कैसे पहुंच गया? क्या अधिकारियों को उसके आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी नहीं थी या फिर खाकी की सरपरस्ती में ही यह खेल चल रहा था? फिलहाल पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है।