श्रीगंगानगर/जयपुर: राजस्थान और हरियाणा में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त छापेमारी में सीमा पार से चल रहे एक खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर 'शॉर्टकट से अमीर' बनने का लालच देकर भारतीय युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में धकेल रहा है।
श्रीगंगानगर के एसपी हरीशंकर ने बताया कि जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
टारगेटेड यूथ: भट्टी उन युवाओं को निशाना बना रहा है जो जल्द से जल्द और बिना मेहनत के पैसा कमाना चाहते हैं।
सोशल मीडिया से संपर्क: वह इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं से दोस्ती करता है। दो दिन की छापेमारी में श्रीगंगानगर से डिटेन किए गए 10 युवकों के मोबाइल जब्त किए गए हैं। ये सभी युवक सोशल मीडिया पर भट्टी को फॉलो कर रहे थे और उसकी पोस्ट को लगातार लाइक व शेयर कर रहे थे।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी का मकसद सिर्फ गैंग चलाना नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना है।
अवैध कंसाइनमेंट: वह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत-पाक सीमा पर हेरोइन, विदेशी पिस्टल और आरडीएक्स (RDX) जैसे खतरनाक विस्फोटक भेज रहा है।
लोकल डिलीवरी: सोशल मीडिया से जुड़े इन स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल उन हथियारों और ड्रग्स की डिलीवरी को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था।
खुफिया इनपुट के अनुसार, भट्टी ने केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के पांच बड़े राज्यों में अपना जाल फैला लिया है:
सक्रिय क्षेत्र: हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश (UP) में भट्टी के स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका है।
हवाला फंडिंग: इन स्लीपर सेल्स को वारदातों को अंजाम देने और नेटवर्क को मजबूत बनाए रखने के लिए 'हवाला' (Hawala) के जरिए मोटी रकम पहुंचाई जा रही है।
राजस्थान एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब डिटेन किए गए सभी 10 युवकों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन युवाओं को पहले भी कोई बड़ी खेप मिल चुकी है या ये किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सीमावर्ती जिलों में बीएसएफ (BSF) और स्थानीय पुलिस ने भी गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।