अजमेर: नागौर की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और पूर्व छात्र नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सोमवार सुबह से ही अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों, ग्रामीणों और समाज के लोगों का भारी धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।
करीब 4 घंटे तक चले इस तीखे विरोध प्रदर्शन और पुलिस प्रशासन द्वारा हत्या व लूट का मामला दर्ज करने के आश्वासन के बाद ही परिजन शव के पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर 2 डीएसपी (DSP) सहित 4 थानों का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लंबी समझाइश के बाद आखिरकार धरना समाप्त हुआ।
मृतक के छोटे भाई और पीह के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने इस पूरी घटना को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा:
"मेरे भाई की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या है। पिछले पांच-छह महीनों से देवकरण की हत्या की साजिश रची जा रही थी। यह पूरा मामला व्यापारिक रंजिश से जुड़ा हो सकता है। हमने संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को सौंप दिए हैं और उन्हें तत्काल हिरासत में लेने की मांग की है।"
परिजनों के अनुसार, देवकरण रविवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने घर से निकले थे। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे गेगल थाना पुलिस का फोन आया कि उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें जेएलएन अस्पताल लाया गया है, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अनुसंधान और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, रविवार (5 जुलाई) को चाचियावास गांव के नदी क्षेत्र में देवकरण की लग्जरी कार अचानक कीचड़ में फंस गई थी। कार फंसने के बाद वे बेहद बदहवास और डरे हुए दिखाई दे रहे थे और खेतों की ओर भागने लगे।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, वे लगातार चिल्ला रहे थे कि—“मेरे पीछे पुलिस लगी है... मुझे बचाओ...”
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि खेतों की तरफ भागते हुए देवकरण अचानक एक ग्रामीण के मकान में घुस गए। वे काफी घबराए हुए थे और उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पीने के लिए पानी मांगा। इसके बाद उन्होंने वहां पास की झाड़ियों में छिपने की कोशिश की और अत्यधिक मानसिक तनाव या घबराहट में अपने ही सिर पर पत्थर भी मारे। इसके कुछ ही देर बाद वे एक मकान की दीवार के पास अचेत (बेहोश) होकर गिर पड़े।
सूचना मिलते ही गेगल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।