पीड़िता ने पुलिस को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने उसे शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि आरोपी अधिकारी ने लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया。 मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर आयुक्तालय की एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा को जांच सौंपी गई है。
पीड़िता ने अपनी शिकायत में अधिकारी पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के भी आरोप लगाए हैं:
शादी से इनकार: महिला का दावा है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो अधिकारी ने उससे मिलना कम कर दिया。
हिंसा: आरोप है कि शादी की बात करने पर आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की。
धमकी: पीड़िता ने बताया कि उसे शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी भी दी गई。
केस दर्ज होने के बाद आईपीएस किशन सहाय मीणा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपनी सफाई में निम्नलिखित तर्क दिए हैं:
विज्ञानवाद का विरोध: मीणा के अनुसार, वे पिछले 10 वर्षों से 'विज्ञानवाद' का प्रचार कर रहे हैं और अंधविश्वास में डूबे लोग इसे पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए उन्हें बदनाम करने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है。
ब्लैकमेलिंग का दावा: अधिकारी का कहना है कि महिला उन्हें बार-बार मैसेज करती थी और उनके पास मौजूद चैट से यह स्पष्ट है कि उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए यह मुकदमा दर्ज कराया गया है。