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महाराष्ट्र की राजनीति में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई

महाराष्ट्र की राजनीति में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई हैं. यह विवाद उनकी स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात के साथ सामने आई तस्वीरों और उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के कारण पैदा हुआ है.

पूरा मामला क्या है?
विवाद तब शुरू हुआ जब रूपाली चाकणकर की कुछ तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, जिनमें वह स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात के लिए कहीं छाता पकड़े हुए और कहीं उनके पैर पूजती (पाद्य पूजन) हुई दिखाई दे रही हैं. ये तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब अशोक खरात को 58 अश्लील वीडियो मिलने और एक महिला द्वारा ब्लैकमेल व दो साल तक बलात्कार के आरोप के बाद 18 मार्च को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी और वीडियो के खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में हंगामा मच गया है. विपक्षी नेता और महिला संगठन सवाल उठा रहे हैं कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाली महिला आयोग की अध्यक्ष ऐसे आरोपी व्यक्ति के साथ कैसे नज़दीकियां रख सकती हैं. इसी के चलते रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है.

कौन है कथित बाबा अशोक खरात?
67 वर्षीय अशोक खरात ने धार्मिक आस्था, दैवीय शक्ति और मंत्र-तंत्र के सहारे भक्तों का एक बड़ा समूह बना रखा है. महाराष्ट्र के कई बड़े राजनेता, सेलिब्रिटी और उद्योगपति उसके अनुयायी बताए जाते हैं, जिनमें कई सेलिब्रिटी महिलाएं भी शामिल हैं. अशोक सिन्नर तालुका के मिरगांव में स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट (जिसे श्री शिवनिका संस्थान के नाम से भी जाना जाता है) का चेयरमैन है. हाल ही में उसकी गिरफ्तारी से पहले, एक वायरल वीडियो पर विवाद हुआ था जिसमें खरात एक धार्मिक रस्म के बहाने एक महिला के सिर पर तांबा रखने के बाद अश्लील हरकतें करते हुए दिख रहा था. एक महिला की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और पुलिस जांच के दौरान उसके पास से 58 सनसनीखेज वीडियो वाली पेन ड्राइव मिली, जिनमें कुछ मशहूर महिलाएं और सेलिब्रिटीज की तस्वीरें होने का दावा किया गया है.

राजनीतिक विवाद और रूपाली चाकणकर पर आरोप
रूपाली चाकणकर की तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस और गुलाबी गैंग जैसे संगठन उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. शिवसेना यूबीटी की नेता सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि चाकणकर ने पहले भी अपने रसूख का इस्तेमाल कर इस तरह के आरोपों को दबाने की कोशिश की थी. कांग्रेस का कहना है कि रूपाली चाकणकर आरोपी अशोक के शिवनिका संस्थान की ट्रस्टी भी हैं. विपक्षी नेताओं का तर्क है कि जिस व्यक्ति के संबंध एक आरोपी बाबा से हों, उससे महिलाओं को न्याय दिलाने की उम्मीद नहीं की जा सकती.

रूपाली चाकणकर की सफाई
इन आरोपों के बीच, रूपाली चाकणकर ने सफाई दी है कि उनका शिवनिका ट्रस्ट से जुड़ाव केवल सामाजिक कार्यों के लिए था. उन्होंने कहा है कि उन्हें अशोक खरात की निजी जिंदगी या उनके खिलाफ लगे आरोपों की कोई जानकारी नहीं थी. चाकणकर ने पुलिस जांच पर पूरा भरोसा जताया है और कहा है कि सच्चाई सामने आएगी.

कौन हैं रूपाली चाकणकर?
रूपाली चाकणकर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं. उनका राजनीतिक सफर उनके ससुराल के जरिए शुरू हुआ, जहाँ उनकी सास रुक्मिणी चाकणकर एनसीपी की पार्षद थीं. 2002 से उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ काम करना शुरू किया और धीरे-धीरे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में सक्रिय होती गईं. बाद में उन्हें खड़कवासला विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया.

2019 के विधानसभा चुनावों से पहले, जब एनसीपी की महिला प्रदेश अध्यक्ष चित्रा वाघ भाजपा में शामिल हो गईं, तब सुप्रिया सुले ने रूपाली चाकणकर को महिला प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुना. यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि तब तक चाकणकर को राज्य स्तर की बड़ी नेता नहीं माना जाता था, लेकिन इस फैसले ने उनकी राजनीतिक पहचान को मजबूत किया.

यह भी चर्चा का विषय रहा है कि रूपाली चाकणकर के संबंध एनसीपी के दोनों धड़ों से अच्छे रहे हैं. उनके संबंध अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के साथ भी अच्छे बताए जाते हैं. अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के साथ भी रूपाली चाकणकर की कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे उनकी पवार परिवार से निकटता ज़ाहिर होती है. कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि रूपाली चाकणकर को महिला आयोग का अध्यक्ष उनकी काबिलियत से ज्यादा "खूबसूरती" के आधार पर बनाया गया था.