घटना विश्वकर्मा स्थित मल्होत्रा नगर के एक अपार्टमेंट की है। मृतक जितिन कुमार (33) श्रीगंगानगर के सादुलशहर के रहने वाले थे और जयपुर में एक फैक्ट्री में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे:
रंग पर तंज और अलग रहने का दबाव: मृतक के भाई पार्श्व गिल्होत्रा का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले जितिन को उसके सांवले रंग को लेकर ताने मारते थे और माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाते थे।
बेटी को बनाया मोहरा: सुसाइड नोट के मुताबिक, पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई थी और न तो बेटी से मिलने देती थी और न ही बात करने देती थी। बेटी से बात करवाने के एवज में 20 लाख रुपए या मकान की मांग की जा रही थी। इसके अलावा परिवार पर झूठे केस भी दर्ज करा दिए गए थे।
विश्वकर्मा थानाधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि यह घटना 1 अगस्त की है:
कॉल रिसीव न होने पर पहुंचा परिचित: 1 अगस्त की सुबह जब परिजनों के बार-बार फोन करने पर भी जितिन ने कॉल रिसीव नहीं किया, तो उन्होंने जयपुर में रहने वाले परिचितों को फ्लैट पर भेजा।
अंदर से बंद था गेट: फ्लैट का दरवाजा अंदर से लॉक था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां जितिन फंदे से लटके मिले।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य: पुलिस ने एफएसएल (FSL) टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए और शव का कांवटिया अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
घटनास्थल से मिले चार पन्नों के सुसाइड नोट और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है:
उकसाने का मामला दर्ज: विश्वकर्मा थाना पुलिस ने मृतक के भाई पार्श्व की शिकायत पर 12 अगस्त को जितिन की पत्नी शेफाली, सास-ससुर और साले के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज कर लिया है।
जांच जारी: पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच कराने के साथ-साथ पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।