सवाईमाधोपुर: राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में राजस्व विभाग में फैले कथित भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला गरमा गया है। जिले के खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुरेड़ी के हल्का पटवारी पप्पू कोली एक स्थानीय किसान से उसकी जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) खोलने के एवज में सरेआम नकदी (रिश्वत) लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में न केवल पटवारी पैसे ले रहे हैं, बल्कि दोनों के बीच रिश्वत की रकम को लेकर हो रही मोलभाव की बातचीत भी साफ तौर पर सुनाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 12 बीघा कृषि भूमि के नामांतरण से जुड़ा हुआ है। पीड़ित किसान जब अपनी जमीन का रिकॉर्ड सही करवाने पटवारी के पास पहुंचा, तो काम करने के बदले मोटी रकम की मांग की गई:
प्रति बीघा के हिसाब से मांग: पटवारी पप्पू कोली ने शुरुआत में किसान से 3 हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से कुल 36 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
मोलभाव के बाद सेटिंग: गरीब किसान द्वारा इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर पटवारी ने मोलभाव किया। आखिरकार, दोनों के बीच 15 हजार रुपए में काम करने का सौदा तय हुआ, जिसका भुगतान करते समय वीडियो बना लिया गया।
इस वीडियो के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक नियमों के अनुसार:
कोई सरकारी शुल्क नहीं: राजस्व विभाग की ओर से भूमि नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया के लिए कोई भी सरकारी शुल्क तय नहीं है। यह प्रक्रिया सरकार द्वारा आम जनता के लिए पूरी तरह निशुल्क (फ्री) रखी गई है।
उठ रहे सवाल: ऐसे में ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का सवाल है कि जब सरकार नामांतरण के लिए एक रुपया भी नहीं लेती, तो फिर पटवारी द्वारा किस हैसियत से और किस बात के लिए हजारों रुपए वसूले जा रहे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद कुरेड़ी और आस-पास के ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया है। ग्रामीणों ने पटवारी और स्थानीय राजस्व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर: ग्रामीणों का कहना है कि नामांतरण जैसे सामान्य और बुनियादी राजस्व कार्यों के लिए भी बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं सरकती। किसानों को अपनी ही वैध जमीन के दस्तावेज बनवाने के लिए हफ्तों सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं और कर्मचारियों की अवैध मांगों (रिश्वत) के सामने लाचार होना पड़ता है।
पहले भी हो चुकी है शिकायत: ग्रामीणों ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कुरेड़ी के ही एक ग्रामीण गौरी शंकर ने इसी पटवारी पप्पू कोली के खिलाफ पहले भी अधिकारियों से रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिससे पटवारी के हौसले बुलंद रहे।
दूसरी तरफ, रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों वीडियो वायरल होने के बाद हल्का पटवारी पप्पू कोली ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पटवारी का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे किसी भी वीडियो या लेन-देन के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद जब इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता (परिवादी) का पक्ष जानने के लिए उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उसने कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं किया। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब क्षेत्र के लोग जिला प्रशासन और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से आरोपी पटवारी के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।