Crime

प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो केस: पुलिस ने जांच तेज की

प्रयागराज पुलिस ने Swami Avimukteshwaranand के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण से संबंधित FIR दर्ज होने के बाद जांच तेज कर दी है। हरदोई में पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया गया, जबकि दूसरी टीम सोमवार दोपहर वाराणसी पहुंची। टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी कर सकती है।

इसी बीच सोमवार सुबह शंकराचार्य ने वाराणसी आश्रम में वकीलों के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे कहीं भाग नहीं रहे हैं और पुलिस का सामना करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों पर आरोप हैं, वे उनके गुरुकुल के नहीं हैं और उन्होंने यूपी पुलिस की निष्पक्ष जांच की मांग की।

एक महिला श्रद्धालु इस दौरान शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने पहुंची और आरोपों से भावुक होकर रो पड़ी। शंकराचार्य ने उसे समझाया कि रोना तब उचित है जब गुरु दोषी पाए जाए।

Uttar Pradesh Congress ने इस मामले में प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पॉक्सो केस में राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है, क्योंकि यह कार्रवाई उस समय हुई जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले में अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की परेशानियों पर सवाल उठाए थे।

पुलिस ने रविवार को शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और शंकराचार्य के शिविर के आसपास का नक्शा तैयार किया।

दरअसल, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी कि माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। 8 फरवरी को उन्होंने प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में मामला दर्ज कराया। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 फरवरी को उनके बयान कैमरे के सामने दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR हुई, जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।