जयपुर: राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में स्थित एक मकान में घुसकर परिवार को बंधक बनाने और लाखों रुपये की नकदी व जेवरात लूटने की वारदात का जयपुर ईस्ट पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात की रेकी और सहयोग करने वाले तीन शातिर बदमाशों को उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया कि वारदात के बाद गठित पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और लगातार सर्विलांस की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया:
गिरफ्तारी: पुलिस टीमों ने बहराइच (उत्तर प्रदेश) और भारत-नेपाल बॉर्डर इलाके में दबिश देकर तीन आरोपियों को दबोचा।
वाहन जब्त: बदमाशों के कब्जे से डकैती की वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त कर ली गई है।
पुलिस हिरासत में आए तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
सतवीर सिंह (28): पुत्र रामपाल, निवासी गांव टेंडवा बसंतापुर, थाना देहात कोतवाली, जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश)।
मनबहादुर (20): निवासी निबिया, तहसील नानपारा, थाना रुपईडीहा, जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश)।
प्रदीप कुमार यादव (24): निवासी गांव तिगड़ा, थाना रुपईडीहा, जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश)।
पुलिस जांच में इस गैंग के काम करने के बेहद शातिराना तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश हुआ है।
रेकी और जानकारी: गैंग के सदस्य किसी भी वारदात को अंजाम देने से लगभग 15 से 20 दिन पहले संभावित मकान की रेकी शुरू कर देते थे।
भेष बदलकर एंट्री: आरोपी अक्सर घरेलू काम (नौकर/सफाईकर्मी) ढूंढने या अन्य बहाने से घर में प्रवेश करते थे। इसके बाद वे परिवार के सदस्यों के आने-जाने के समय, घर के कमरों और तिजोरी की सटीक लोकेशन की जानकारी जुटाते थे।
वारदात: पूरी प्लानिंग और सही मौका देखते ही गिरोह के सदस्य घर में घुसकर लोगों को हथियार या बल के दम पर बंधक बनाते और लूटपाट कर फरार हो जाते थे।