बाड़मेर: बाड़मेर पुलिस लाइन के मैदान में पुलिस महानिरीक्षक (Range IG) के सामने जिला पुलिस ने अपनी युद्धस्तर की तैयारियों और तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। रेंज आईजी और एटीएस (ATS) आईजी राजेश सिंह की मौजूदगी में बाड़मेर पुलिस ने दो अलग-अलग गंभीर अपराधों के 'क्राइम सीन रीक्रिएट' (मॉकड्रिल) किए। इन दोनों घटनाओं का बकायदा वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जिसमें हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों ने आईजी के सामने ग्राउंड में ए-श्रेणी की नाकाबंदी कर बदमाशों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
पहला अभ्यास शहर में हुई एक बड़ी लूट और बदमाशों के फरार होने की घटना पर आधारित था:
कंट्रोल रूम को सूचना: बाड़मेर सिटी कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार ने कंट्रोल रूम को वायरलेस पर सूचना दी कि महावीर नगर से लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर दो शातिर बदमाश पिकअप गाड़ी लेकर भागे हैं और उनके पास घातक हथियार हो सकते हैं।
ए-श्रेणी की नाकाबंदी: सूचना मिलते ही पूरे जिले में तुरंत 'ए श्रेणी' की हथियारबंद नाकाबंदी लागू की गई। इस दौरान बदमाशों ने भागने के प्रयास में एक नाकाबंदी को तोड़ दिया, जिस पर मुस्तैद पुलिस टीम ने पीछा करते हुए पिकअप गाड़ी के टायर पर अचूक फायर किए। पुलिस की विशेष टीमों ने लगातार पीछा कर पिकअप को रुकवाया और महज 30 मिनट के भीतर दोनों हथियारबंद बदमाशों को दबोच लिया।
दूसरा क्राइम सीन एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री और ब्लाइंड केस को सुलझाने की पुलिसिया तकनीक पर आधारित था:
मौके पर पहुंची एक्सपर्ट टीमें: सीन के अनुसार, दो बदमाशों ने एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। मर्डर की सूचना मिलते ही जांच अधिकारी सहित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), एमओबी (MOB) और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं।
रूमाल सूंघकर कातिल तक पहुंचा श्वान: एफएसएल और एमओबी की टीमों ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसी बीच वारदात स्थल से आरोपियों का एक रूमाल मिला। उस रूमाल को डॉग स्क्वॉड के स्निफर डॉग को सुंघाया गया, जिसके बाद डॉग की मदद से आस-पास की झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। खोजी कुत्ता महज 15 मिनट में पुलिस टीम को सीधे झाड़ियों में छिपे दोनों कातिलों तक ले गया, जहां से उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।