घटना 27 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की है। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के अनुसार, सब्जी विक्रेता पप्लू लाल सैनी और कुछ युवकों के बीच नींबू के पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
उधार से इनकार: युवकों ने उधार में नींबू मांगे थे, जिससे दुकानदार ने मना कर दिया।
दुकान में घुसकर मारपीट: विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी जबरन दुकान में घुस गए और पप्लू लाल पर लाठी-डंडों से हमला कर फरार हो गए।
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे इस तरह की हिंसा के जरिए इलाके में अपना खौफ और डर पैदा करना चाहते थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी नीरज पाठक और सुरेंद्र सिंह राणावत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी।
28 अप्रैल को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी।
वीडियो के बाद हुए फरार: मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी जयपुर-दिल्ली रोड स्थित चंदवाजी में छिप गए थे।
तकनीकी सहायता: पुलिस ने आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक की और घेराबंदी कर उन्हें चंदवाजी से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के मन से 'डॉन' बनने का भूत उतार दिया।
पैदल मार्च: पुलिस ने आरोपियों को उसी इलाके में पैदल चलाया जहाँ उन्होंने सब्जीवाले की पिटाई की थी।
खौफ हुआ खत्म: इस दौरान आरोपी लंगड़ाते हुए पैदल चलकर थाने तक पहुँचे। पुलिस का मकसद जनता के बीच विश्वास बहाल करना और अपराधियों में कानून का डर पैदा करना था।