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जयपुर में पुराने मकान की तुड़ाई के दौरान निकला खजाना, ठेकेदार ने साथियों संग किया खुर्द-बुर्द; पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ा

जयपुर। जयपुर उत्तर के माणक चौक थाना क्षेत्र में पुराने मकान को तोड़ने के दौरान मिली कथित कीमती संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, मकान की तुड़ाई के दौरान करीब 10-15 किलो चांदी, 14-15 सोने के सिक्के और करीब 8 से 10 हजार पुराने सिक्के मिलने की जानकारी सामने आई थी। आरोप है कि मकान तोड़ने वाले ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस संपत्ति को आपस में बांट लिया।

जयपुर उत्तर के पुलिस उपायुक्त करण शर्मा (IPS) ने बताया कि मामले में माणक चौक थाना पुलिस और डीएसटी जयपुर उत्तर की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अब बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

पुराने मकान की तुड़ाई के दौरान मिली संपत्ति

पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। शिकायत में बताया गया कि विद्याधर का रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, जयपुर स्थित मकान नंबर 630 को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए एक फर्म के माध्यम से ठेका दिया गया था।

मकान की तुड़ाई का काम ठेकेदार महेश माहित्र उर्फ टीकू को दिया गया था। काम शुरू करने से पहले मकान मालिक ने ठेकेदार को स्पष्ट रूप से बताया था कि मकान तोड़ने के दौरान मिलने वाली कोई भी चल संपत्ति, धन या अन्य सामान मकान मालिक को सौंपना होगा।

पुलिस का आरोप है कि तुड़ाई के दौरान ठेकेदार को बड़ी मात्रा में पुरानी संपत्ति मिली। इसमें करीब 10-15 किलो चांदी, 14-15 सोने के सिक्के, करीब 8 से 10 हजार पुराने सिक्के और अन्य सामान शामिल था।

साथियों के साथ मिलकर खुर्द-बुर्द करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, ठेकेदार ने कथित तौर पर इस संपत्ति की जानकारी मकान मालिक को देने के बजाय अपने साथियों के साथ मिलकर उसे खुर्द-बुर्द कर दिया। इस मामले में ठेकेदार के साथ काम करने वाले अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चूंकि घटना करीब 10 महीने पुरानी थी और इस दौरान मकान को पूरी तरह तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जा चुका था, इसलिए घटनास्थल से तत्काल साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। पुलिस के अनुसार, मौके पर सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं था।

तकनीकी और मुखबिर तंत्र से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर प्रथम आकाश सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त माणक चौक पियूष कविया के निर्देशन में थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया और डीएसटी प्रभारी की टीम ने जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया। आरोपियों की गतिविधियों और कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस ने मामले में अनुज, जगदीश, रजनी, रोशन और सतनाम (ड्राइवर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर कथित तौर पर मिली संपत्ति की बरामदगी और अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना पुरानी होने के कारण साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र के समन्वय से मामले का खुलासा किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।