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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जयपुर में नया छात्र आंदोलन, राजस्थानी

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चला छात्र आंदोलन अब राजस्थान यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब जयपुर में छात्रों ने अपनी अलग मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

जंतर-मंतर पर करीब एक महीने तक चले आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल रहे थे। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अनशन किया था। 26 दिन बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की थी। इस आंदोलन का असर देश के कई राज्यों में देखने को मिला था, जहां छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई थी।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग की मांग

जयपुर में चल रहे आंदोलन की मुख्य मांगों में राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा के लिए अलग विभाग की स्थापना शामिल है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ का कहना है कि विश्वविद्यालय में फ्रेंच और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं के लिए नियमित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन राजस्थान की अपनी भाषा राजस्थानी को अभी तक उचित स्थान नहीं मिला है।

उनका आरोप है कि राजस्थानी भाषा की पढ़ाई फिलहाल सेल्फ-फाइनेंस कोर्स के रूप में कराई जा रही है, जिसकी फीस करीब 50 हजार रुपये है। वहीं विदेशी भाषाओं के नियमित कोर्स की फीस लगभग 2 से 4 हजार रुपये के बीच है। छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में मातृभाषाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई है, लेकिन राजस्थान की भाषा को उच्च शिक्षा में पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।

रेवाड़ ने कहा कि कई छात्र राजस्थानी भाषा में मास्टर्स, पीएचडी और शोध करना चाहते हैं, लेकिन अलग विभाग नहीं होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा के लिए स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी स्तर का स्वतंत्र विभाग शुरू किया जाए।

छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की भी मांग

आंदोलन की दूसरी बड़ी मांग छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने को लेकर है। छात्रों का कहना है कि साल 2022 से राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा रखी है। इसके कारण विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए उनका चुना हुआ प्रतिनिधि नहीं है।

शुभम रेवाड़ का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें फिर से शुरू किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को अपनी आवाज रखने का मंच मिल सके।

CJP अध्यक्ष आशुतोष रांका आज पहुंचेंगे राजस्थान यूनिवर्सिटी

दिल्ली में करीब दो महीने तक चले आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष रांका आज जयपुर पहुंच रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बलियान के साथ शाम 5 बजे राजस्थान यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचेंगे।

बताया जा रहा है कि रांका आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात करेंगे और उनकी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद अब राजस्थान यूनिवर्सिटी का यह आंदोलन छात्र राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में आ गया है।

छात्रों की मांगों पर सबकी नजर

राजस्थान यूनिवर्सिटी में जारी इस आंदोलन के बीच अब नजर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है। छात्र संगठन उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला लिया जाएगा, वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बड़ा निर्णय सामने नहीं आया है।