इस दौरान मीडिया से बातचीत में कर्नल केसरी सिंह ने दावा किया कि अक्टूबर 2023 में पदभार संभालने के बाद से राजस्थान लोक सेवा आयोग की किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी किसी भी सूरत में पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा।
जयपुर में जूनियर लॉ ऑफिसर भर्ती परीक्षा 53 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इस भर्ती में 12 पदों के लिए 13,245 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा दो दिनों—रविवार और सोमवार—में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वयं निरीक्षण करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कहीं कोई तकनीकी खामी या छोटी-मोटी कमी हो तो उसे तत्काल दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।"
देशभर में पेपर लीक के मामलों और RPSC के पुराने रिकॉर्ड पर पूछे गए सवाल के जवाब में आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अक्टूबर 2023 में जिम्मेदारी संभालने के बाद से आयोग ने परीक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा, "मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि शीर्ष नेतृत्व की इच्छाशक्ति और प्रशासन के सहयोग से राजस्थान में अब किसी भी सूरत में पेपर लीक नहीं होने देंगे। हमारी पूरी टीम इसी लक्ष्य के साथ काम कर रही है।"
कर्नल केसरी सिंह ने बताया कि आयोग के भीतर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की स्पष्ट मंशा है कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आयोग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वय से परीक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रहे।
RPSC अध्यक्ष ने परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी छुट्टी के दिन भी अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद वे इन कर्मचारियों का धन्यवाद करें, क्योंकि उनकी मेहनत और समर्पण से ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा का आयोजन संभव हो पा रहा है।
पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच RPSC अध्यक्ष का यह बयान आयोग की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर उसके रुख को स्पष्ट करता है। अब अभ्यर्थियों और आमजन की नजर इस बात पर रहेगी कि आयोग अपने इस दावे और भरोसे को भविष्य की परीक्षाओं में किस तरह कायम रखता है।