जानकारी के अनुसार, भरत सिंह सहारण 16 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे अपनी पत्नी मंजू और बेटी लता के साथ बाइक पर घर से निकले थे। करीब एक घंटे बाद तीनों मसीतांवाली हेड पर लगे CCTV कैमरों में दिखाई दिए। इसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी।
परिजन मसीतांवाली हेड पर मिले CCTV फुटेज के आधार पर राजस्थान नहर के किनारे तलाश कर रहे थे। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे डबली कलां के पास इंदिरा गांधी नहर में लता का शव बहता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान लता के रूप में की।
रात में गोताखोरों की मदद से लता के शव को नहर से बाहर निकाला गया। इसके कुछ समय बाद भरत सिंह का शव भी नहर में बरामद हो गया। फिलहाल मंजू की तलाश जारी है।
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि परिवार बाइक सहित नहर में गिर गया होगा। हालांकि, तीनों के नहर में गिरने की परिस्थितियों और घटना के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मसीतांवाली हेड चौकी प्रभारी अजीत सिंह के अनुसार, तीनों की गुमशुदगी ऐलनाबाद थाने में दर्ज थी। इसी कारण दोनों शव ऐलनाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिए गए हैं।
भरत सिंह सहारण ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव ढाणी शेरां वाली के निवासी थे। नोहर रोड पर उनकी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी। वह अपनी मां और भाई के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। उनकी पत्नी मंजू गृहिणी थीं, जबकि बेटी लता बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। परिवार के दो सदस्यों के शव मिलने के बाद परिजन गमगीन हैं और मंजू की तलाश जारी है।