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झोटवाड़ा स्कूल छात्र मौत: CCTV में कथित लापरवाही का खुलासा, 45 मिनट तक स्कूल में पड़ा रहा प्रिंस; FIR दर्ज

जयपुर। झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र प्रिंस सोनी की मौत के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। अब घटना से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है, जिसके बाद स्कूल प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले में पुलिस ने प्रिंस के माता-पिता की शिकायत के आधार पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

CCTV फुटेज में क्या दिखा?

सामने आए CCTV फुटेज के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद प्रिंस को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय स्कूल में ही सोफे पर लिटाया गया। बताया जा रहा है कि स्कूल से अस्पताल की दूरी महज करीब 100 मीटर है। इसके बावजूद छात्र को करीब 45 मिनट तक स्कूल में ही रखा गया और परिजनों के पहुंचने का इंतजार किया गया।

परिजनों का आरोप है कि प्रिंस की हालत गंभीर थी और ऐसी स्थिति में स्कूल प्रशासन को तत्काल एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए था।

शुक्रवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन

प्रिंस की मौत के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में परिजन, विद्यार्थी और स्थानीय लोग स्कूल के बाहर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्र की हालत बिगड़ने के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान युवक गिरफ्तार

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। युवक की गिरफ्तारी के बाद मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि प्रिंस को न्याय दिलाना और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी तय करवाना है।

मां ने लगाए गंभीर आरोप

प्रिंस की मां निर्मला ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वह स्कूल पहुंचीं तो उनका बेटा सोफे पर पड़ा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब थी।

निर्मला के मुताबिक, स्कूल परिसर में वाहन मौजूद थे, इसके बावजूद प्रिंस को तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। उनका आरोप है कि अगर स्कूल प्रशासन समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाता तो उसकी जान बचने की संभावना हो सकती थी।

पिता बोले- खुद वाहन लेकर आने को कहा

प्रिंस के पिता अमित सोनी ने भी स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल की ओर से घटना की जानकारी देने के बाद उन्हें खुद वाहन लेकर स्कूल आने के लिए कहा गया।

अमित सोनी के मुताबिक, जब स्कूल से अस्पताल की दूरी करीब 100 मीटर थी, तो गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन को उठानी चाहिए थी।

कैंटीन की पेटीज को लेकर भी सवाल

इससे पहले परिजनों ने स्कूल कैंटीन में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए थे। बताया गया था कि लंच के दौरान प्रिंस ने कैंटीन से आलू की पेटीज खाई थी और इसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

हालांकि, पेटीज खाने और प्रिंस की मौत के बीच सीधा संबंध अभी साबित नहीं हुआ है। छात्र की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी

मामले में पुलिस ने प्रिंस के माता-पिता की शिकायत के आधार पर स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब CCTV फुटेज, स्कूल प्रशासन के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे तत्काल अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया और स्कूल में करीब 45 मिनट तक उसे क्यों रखा गया। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रिंस की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में स्कूल प्रशासन की कितनी जिम्मेदारी बनती है।