जोधपुर स्थित नागौर के प्रभावशाली मिर्धा परिवार से जुड़े मिर्धा फार्म की 150 वर्ग गज ज़मीन को लेकर पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है. पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने अपने चचेरे भाई मनीष मिर्धा और अन्य के खिलाफ प्रतापनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. यह शिकायत डॉ. ज्योति मिर्धा के अधिकृत प्रतिनिधि प्रेमप्रकाश ने दर्ज करवाई है.
रिपोर्ट में सूथला स्थित फार्म हाउस पर जबरन कब्जा करने के प्रयास और तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया है. वहीं, दूसरे पक्ष, यानी मनीष मिर्धा का दावा है कि यह विवाद सिर्फ जमीन के टुकड़े का नहीं, बल्कि वहां बने उनके पूर्वजों के समाधि स्थल को बचाने का है. ज्योति मिर्धा का पक्ष इसे अतिक्रमण और अवैध कब्जा बता रहा है.
विवाद की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने समाधि स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात किए हैं. एफआईआर के अनुसार, घटना की शुरुआत 13 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब मनीष मिर्धा अपने 10-12 साथियों के साथ फार्म हाउस में जबरन घुस आए और केयरटेकर सलीम को धमकाकर तालों की चाबियां छीन लीं. अगले दिन, 14 जनवरी को, आरोपी पक्ष ने दोबारा ताले तोड़े और समाधि स्थल के साथ छेड़छाड़ व तोड़फोड़ की.
परिवादी प्रेमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि वीडियो फुटेज में मनीष और उनके साथी तोड़फोड़ करते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं. प्रतापनगर पुलिस ने प्रेमप्रकाश की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मनीष मिर्धा के खिलाफ संपत्ति में अनाधिकृत प्रवेश, चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ जबरन घर में घुसने और गैर-कानूनी जमावड़ा कर हमला करने का केस दर्ज किया है. पुलिस ने मौके से वीडियो फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया है और थानाधिकारी भवानी सिंह मामले की जांच कर रहे हैं.
इस पूरे विवाद का केंद्र फार्म हाउस के अंदर बना 150 वर्ग गज का समाधि स्थल है. मनीष मिर्धा पक्ष का आरोप है कि डॉ. ज्योति मिर्धा इस बेशकीमती जमीन को बेचना चाहती हैं और पैतृक समाधि स्थल इस सौदे में बाधा बन रहा है. मनीष का कहना है कि ज्योति मिर्धा समाधि स्थल को हटाना चाहती हैं, जबकि वे अपने पूर्वजों की निशानी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इस समाधि स्थल पर सबसे पहले 1982 में नाथूराम मिर्धा की मां की समाधि बनाई गई थी, इसके बाद 1987 में मनीष के बड़े भाई रवि की और 1996 में नाथूराम मिर्धा की समाधि बनी थी. अब मनीष अपने पिता भानु प्रकाश मिर्धा की समाधि यहीं बना रहे हैं, जिसका विरोध किया जा रहा है. शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि मनीष ने गुंडा तत्वों के साथ मिलकर मालिकाना हक वाली जमीन हड़पने की नीयत से यह हमला किया है.