राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को सचिवालय में निकाय और पंचायती राज चुनाव की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राजेश वर्मा के अनुसार निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 140 नगर निकायों को शामिल किया गया है। इन निकायों के कुल 5,050 वार्डों में मतदान कराया जाएगा। इसके लिए 10,185 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
वहीं दूसरे चरण में 169 नगर निकायों में चुनाव होंगे। इन निकायों के 5,195 वार्डों के लिए 6,280 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस तरह दोनों चरणों में कुल 309 नगरीय निकायों के चुनाव संपन्न होंगे।
जिलेवार चुनाव कार्यक्रम की बात करें तो फलोदी और सलूंबर ऐसे जिले होंगे, जहां सभी नगरीय निकायों में मतदान एक ही चरण में पूरा कराया जाएगा। इसके विपरीत राज्य के बाकी 39 जिलों में नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में होंगे।
चुनाव कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगातार की जा रही हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा इंतजाम और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नगरीय निकायों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां भी चल रही हैं। पंचायत चुनाव के लिए प्रदेशभर में करीब 48 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
निकाय चुनाव और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मतदान की प्रक्रिया अलग-अलग होगी। पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय सदस्यों के चुनाव के लिए ईवीएम के जरिए मतदान कराया जाएगा।
वहीं ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव के लिए बैलेट पेपर से वोटिंग कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए निर्वाचन आयोग स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
निकाय चुनाव के साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव भी प्रस्तावित किए गए हैं। इसके लिए 36 जिलों में चार चरणों में चुनाव कराने की योजना है। वहीं चार जिलों में दो चरणों में और एक जिले में एक ही चरण में पंचायत चुनाव कराने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विभागों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। आयोग का जोर इस बात पर है कि सभी स्तरों पर आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों और चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।
निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका स्तर पर चुनाव स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सफाई, सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे चुनाव में प्रमुख बन सकते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित विभागों को चुनाव से जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आने वाले दिनों में मतदान कार्यक्रम, नामांकन, मतदान और मतगणना से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया सामने आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। दो चरणों में होने वाले इन चुनावों में हजारों वार्डों के लिए मतदान होगा और प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नई स्थानीय सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी।