डीडवाना-कुचामन: राजस्थान ने अपनी एक और होनहार बेटी को खो दिया है। भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) में तैनात लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ (23) का रविवार को गुजरात के जामनगर में एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। सोमवार को जब उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव बिठुड़ा पहुँची, तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। नम आंखों के बीच सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
डीडवाना-कुचामन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे हुई।
भीषण टक्कर: लेफ्टिनेंट अंशु अपनी कार से ड्यूटी के लिए निकल रही थीं, तभी रास्ते में उनकी कार की एक अन्य वाहन से जोरदार भिड़ंत हो गई।
मौके पर ही दम तोड़ा: टक्कर इतनी भयानक थी कि अंशु को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गुजरात पुलिस और नौसेना के अधिकारियों ने तत्काल परिजनों को इसकी सूचना दी।
मात्र 23 साल की उम्र में देश सेवा का जिम्मा संभालने वाली अंशु का परिवार सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है।
विरासत: अंशु के दादा और पिता दोनों ही भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनके पिता किशन सिंह वर्तमान में जयपुर में आबकारी थाना अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
हाल ही में हुई थी जॉइनिंग: अंशु ने मई 2024 में ही भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यभार संभाला था। उनकी सफलता पर पूरे गांव को नाज था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह खुशी इतनी कम उम्र में मातम में बदल जाएगी।
अंशु की पार्थिव देह सोमवार दोपहर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव बिठुड़ा (लाडनूं) लाई गई।
राजकीय सम्मान: तिरंगे में लिपटी बेटी की देह को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। प्रशासन और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।
परिजनों का बुरा हाल: अंशु के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई है, जो वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। होनहार बेटी के खोने का गम पूरे लाडनूं उपखंड में देखा जा रहा है।