उदयपुर/गोगुंदा: उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर एक ट्रैक्टर-मशीन को रोकने और उसे जब्त करने को लेकर आरटीओ विभाग और सत्ताधारी दल के नेता के बीच बीच सड़क पर ही हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बीजेपी के गोगुंदा मंडल अध्यक्ष ने आरटीओ इंस्पेक्टर पर अवैध वसूली और मोटी रिश्वत मांगने के सीधे आरोप लगाए हैं, वहीं आरटीओ अधिकारी ने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
यह पूरा विवाद हाईवे पर आरटीओ की रूटीन चेकिंग और कार्रवाई के दौरान शुरू हुआ:
ट्रैक्टर को किया जब्त: उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर एक ट्रैक्टर गुजर रहा था, जिस पर बिजली के पोल (खंभे) के लिए गड्ढे खोदने वाली मशीन लगी हुई थी। इसे देखकर वहां तैनात आरटीओ टीम ने ट्रैक्टर को रुकवाया और कागजात या नियमों में कमी का हवाला देते हुए उसे जब्त कर लिया।
ट्रैक्टर को जब्त किए जाने की सूचना मिलते ही बीजेपी के स्थानीय नेता तुरंत अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए:
ड्राइवर को बताया अपना स्टाफ: गोगुंदा मंडल अध्यक्ष निखिल कोठारी ने मौके पर पहुंचकर आरटीओ अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह ट्रैक्टर उनका खुद का है, जिसे उन्होंने ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर दे रखा था और गाड़ी चला रहा ड्राइवर उनका स्टाफ है।
80 हजार रुपए की रिश्वत का आरोप: निखिल कोठारी ने आरटीओ इंस्पेक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई के नाम पर डराया गया और मामले को बिना किसी कानूनी पचड़े के वहीं रफा-दफा करने के एवज में उनसे 80 हजार रुपए की घूस (रिश्वत) मांगी गई।
सड़क पर हुई इस तीखी नोकझोंक और हंगामे के बाद यह मामला अब थाने तक पहुंच चुका है:
कानूनी जांच शुरू: गोगुंदा थानाधिकारी श्यामसिंह चारण ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरटीओ अधिकारी सुनील चौधरी ने थाने पहुंचकर इस घटना के संबंध में एक लिखित परिवाद (शिकायत) दिया है।
साक्ष्यों की जांच: थानाधिकारी ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके लिए हाईवे पर बने उस घटनाक्रम के वायरल वीडियो को खंगाला जा रहा है और मौके पर मौजूद चश्मदीदों व स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
इस संवेदनशील मामले में जब आरटीओ विभाग के आला अधिकारियों का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला:
कॉल का नहीं दिया जवाब: हाईवे पर बीजेपी नेता और इंस्पेक्टर के बीच हुई इस भिड़ंत और रिश्वत के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने के लिए आरटीओ ज्ञानदेव विश्वकर्मा और डीटीओ मुकेश डाढ़ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों ही अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया और इस विषय पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है।