Rajasthan

साढ़े तीन महीने बाद BSF जवान राकेश मीणा का निधन, 16 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

सीकर। सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के रहने वाले BSF जवान राकेश कुमार मीणा (40) का सड़क हादसे के करीब साढ़े तीन महीने बाद निधन हो गया। रविवार को उनका पार्थिव देह पैतृक गांव पीपलोदा का बास पहुंचा। तिरंगे में लिपटे जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। गांव से श्मशान घाट तक करीब एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान भारत माता की जय और राकेश मीणा अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

राकेश मीणा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और BSF के अधिकारी-जवान शामिल हुए। श्मशान घाट पर BSF जवानों ने अपने साथी को सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी। माहौल बेहद भावुक रहा। ग्रामीणों ने नम आंखों से गांव के वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

तिरंगे में लिपटे पति को देखकर पत्नी बेसुध

रविवार को जब राकेश कुमार मीणा की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची तो अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। तिरंगे में लिपटे पति को देखकर उनकी पत्नी मिथलेश अपने आंसू नहीं रोक सकीं और भावुक होकर बेसुध हो गईं। परिजनों की स्थिति देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।

इसके बाद जवान के घर से श्मशान घाट तक अंतिम यात्रा निकाली गई। करीब एक किलोमीटर की इस यात्रा में ग्रामीण तिरंगा लेकर शामिल हुए। देशभक्ति के नारों के बीच पार्थिव देह को श्मशान भूमि तक ले जाया गया। पूरे रास्ते लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘राकेश मीणा अमर रहें’ के जयघोष करते रहे।

BSF ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

अंतिम संस्कार से पहले BSF के जवानों ने राकेश कुमार मीणा को सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी। साथी जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सैन्य सम्मान के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

राकेश मीणा के अंतिम संस्कार में उनके परिवार के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने जवान के देश के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बड़े बेटे अंशु ने पिता को दी मुखाग्नि

राकेश कुमार मीणा के दो बेटे हैं। बड़े बेटे अंशु मीणा की उम्र 16 वर्ष और छोटे बेटे अभिमन्यु मीणा की उम्र 12 वर्ष है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़े बेटे अंशु ने पिता को सेल्यूट किया और मुखाग्नि दी। पिता को अंतिम विदाई देते 16 वर्षीय बेटे को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।

परिजनों के लिए यह बेहद कठिन समय रहा। राकेश मीणा के पिता बंशीधर मीणा का पहले ही निधन हो चुका है। अब राकेश के निधन से उनके दोनों छोटे बेटों के सिर से भी पिता का साया उठ गया। परिवार पर एक के बाद एक आई इस त्रासदी से गांव में शोक का माहौल है।

हादसे के साढ़े तीन महीने बाद हुई मौत

राकेश कुमार मीणा सड़क हादसे में घायल हुए थे। हादसे के बाद करीब साढ़े तीन महीने तक उनका उपचार चला, लेकिन आखिरकार रविवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने उन्हें गांव का वीर सपूत बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

रविवार को पार्थिव देह गांव पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि राकेश मीणा ने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया। उनके निधन से गांव ने अपना एक बहादुर बेटा खो दिया है।

BSF अधिकारियों और जवानों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम यात्रा में BSF के इंस्पेक्टर सदीक खान, हेड कॉन्स्टेबल हेमराज सिंह, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार मीणा, व्हीकल मैकेनिक अजय कुमार और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार सहित BSF के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। उन्होंने अपने साथी जवान को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

अंतिम संस्कार में खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया, निवर्तमान प्रधान डॉ. गिरिराज सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने राकेश मीणा को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल देने की बात कही।

राकेश मीणा की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब और गूंजते देशभक्ति के नारों ने यह दिखाया कि गांव के लोगों के दिल में अपने वीर सपूत के लिए कितना सम्मान है। नम आंखों के साथ ग्रामीणों ने राकेश मीणा को अंतिम विदाई दी।