पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस से जल भवन तक एक विशाल 'पैदल पानी यात्रा' निकाली।
अनोखा प्रदर्शन: झुलसाने वाली इस भीषण गर्मी में सरकार को जगाने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हसनपुरा चौराहे पर तपती हुई गर्म सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
लगा लंबा जाम: करीब 10 मिनट तक कार्यकर्ताओं के गर्म जमीन पर लेटे रहने के कारण व्यस्त हसनपुरा चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास जल भवन के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया:
सख्त चेतावनी: खाचरियावास ने कहा, "जयपुर प्यासा है, पूरा राजस्थान प्यासा है। अगर 24 घंटे के भीतर जनता की समस्या का समाधान नहीं हुआ और शहर में गंदे पानी की सप्लाई नहीं सुधारी गई, तो यही दूषित पानी मैं खुद मुख्यमंत्री और मंत्रियों को जाकर पिलाऊंगा।"
कनेक्शन काटने की धमकी: उन्होंने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर वे अपने हाथों से मंत्रियों और मुख्यमंत्री के सरकारी आवासों के पानी के कनेक्शन काट देंगे। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और सरकार के नुमाइंदे 'रात्रि चौपाल' के नाम पर मौज-मस्ती में व्यस्त हैं।
पूर्व मंत्री ने पश्चिमी राजस्थान के हालात का जिक्र करते हुए सरकार से मुफ्त टैंकर सेवा शुरू करने की मांग की:
मवेशियों पर संकट: खाचरियावास ने दावा किया कि भीषण गर्मी और पानी की भयंकर कमी के चलते अकेले जैसलमेर जिले में 500 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है।
सरकारी राहत की मांग: उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को तुरंत प्रभाव से पूरे प्रदेश में जनता के लिए मुफ्त (फ्री) पानी के टैंकर भिजवाने की घोषणा करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारी कांग्रेसी नेताओं ने राजधानी जयपुर की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल जनता की सबसे बुनियादी जरूरत है, लेकिन सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही है।
जनता की जेब पर डाका: पूरे जयपुर में मटमैले और बदबूदार पानी की सप्लाई से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
माफियाओं का राज: लोग मजबूरी में ₹50-₹50 के पानी के कमर्शियल कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। वहीं, आपदा के इस समय में बेकाबू हो चुके टैंकर माफिया आम जनता से एक-एक टैंकर के ₹500 तक वसूल रहे हैं, लेकिन जलदाय विभाग (PHED) मूकदर्शक बना बैठा है।