बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर जिले में अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का सख्त चाबुक चला है। बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात हिस्ट्रीशीटरों द्वारा सरकारी/अवैध जमीनों पर किए गए 10 से ज्यादा अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। महज आधे घंटे तक चली इस तेजतर्रार कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।
यह पूरी कार्रवाई गुरुवार दोपहर 12 बजे गंगाशहर थाना क्षेत्र में करमीसर गांव की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर अंजाम दी गई:
अतिक्रमण पर बुलडोजर: बीडीए और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर हिस्ट्रीशीटरों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई जमीनों पर बनाई गई पक्की बाउंड्री वॉल और लोहे के विशालकाय गेटों को बुलडोजर से ढहा दिया।
अवैध कब्जा मुक्त: आरोपियों ने अवैध रूप से चारदीवारी बनाकर और लोहे के गेट ठोककर बेशकीमती जमीनों पर अपना कब्जा जमा रखा था, जिसे पूरी तरह से मुक्त करा लिया गया है।
कार्रवाई की जद में आया पहला मुख्य आरोपी आमीन खान (आमिर खान) कोटगेट थाने का हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर है:
गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड: आमीन के खिलाफ बीकानेर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे 50 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
हथियार तस्कर: आरोपी पिछले 20 सालों से अवैध हथियारों की सप्लाई के काले कारोबार में लिप्त रहा है।
कार्रवाई की जद में आया दूसरा आरोपी हसन अली है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में 4 मामले दर्ज रहे हैं:
आर्म्स एक्ट का मामला: हसन अली के खिलाफ साल 2017 में नयाशहर थाने में आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई फिलहाल अदालत में जारी है।
अन्य मामले: इसके अलावा बीछवाल थाने (2015), कोटगेट थाने (1996) और सदर थाने (2015 में हत्या के प्रयास का केस) में दर्ज मामलों में अदालत द्वारा उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जा चुका है।
ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या उपद्रव से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था:
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी: सीओ गंगाशहर हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में गंगाशहर थानाधिकारी परमेश्वर सुथार, नाल थानाधिकारी विकास विश्नोई सहित कई थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा।
बीडीए की निगरानी: बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के उपायुक्त कुणाल राहड़ और तहसीलदार आकांक्षा गोदारा ने अपनी मौजूदगी में पूरे अतिक्रमण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई संपन्न कराई।