मुख्यमंत्री ने गांव की गलियों का पैदल ही भ्रमण किया और बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इससे पूर्व, शुक्रवार रात को भी सीएम ने 'ग्राम विकास चौपाल' के जरिए क्षेत्र के युवाओं, किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
तिलानेस गांव के खेतों में सुबह की ओस के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने लहलहाती मूंग की फसल को देखा और किसानों से इस बार की पैदावार को लेकर बात की।
महिलाओं संग किया कृषि कार्य: खेत में काम कर रही ग्रामीण महिलाओं के पास जाकर सीएम ने उनसे बात की और खुद भी निराई के काम में हाथ बंटाया।
वैज्ञानिक पद्धति अपनाने पर जोर: उन्होंने काश्तकारों से कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब वैज्ञानिक पद्धति और उन्नत तकनीकों को अपनाना जरूरी है ताकि कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण मुनाफा कमाया जा सके।
इसके बाद, मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए "एक पेड़ मां के नाम" राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत तिलानेस गांव में पौधारोपण किया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि एक मां की तरह उनकी पूरी देखभाल भी करें।
पैदल भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री तिलानेस गांव के 'शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल' के बाहर पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और बुजुर्ग पहले से ही पलकें बिछाए बैठे थे। वहीं पर खुली चौपाल का आयोजन किया गया।
चौपाल के दौरान रामलाल नामक एक ग्रामीण ने गांव के विकास को लेकर कई सारी मांगें एक साथ मुख्यमंत्री के सामने रख दीं। इस पर मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा, "हर गांव में ऐसे रामलाल जरूर मिलते हैं।" उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से कहा कि चौपाल में केवल औपचारिकता निभाने वाली बातें या भाषण मत कहो। जो गांव की धरातल से जुड़ी वास्तविक जरूरतें हैं और जिससे सर्वसमाज का कल्याण हो, ऐसी जनहित की मांगें सामने लाओ, सरकार उन पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से काम करेगी।
खुली चौपाल में तिलानेस ग्राम पंचायत के लोगों ने अपनी मुख्य बुनियादी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और एक मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों की मुख्य मांगें इस प्रकार थीं:
किसानों के लिए सुविधाएं: खेतों में पानी इकट्ठा करने के लिए सरकारी स्तर पर टांकों (हौद) का निर्माण कराया जाए और ढाणियों व खेतों तक जाने के लिए सुगम रास्ते उपलब्ध कराए जाएं।
पेयजल संकट: जल जीवन मिशन (JJM) के तहत गांव की बची हुई ढाणियों तक भी पीने का पानी पहुंचाया जाए। साथ ही स्थानीय तालाब के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की मांग की गई।
शिक्षा व सड़क: शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत (Upgrade) किया जाए और जर्जर हो चुकी रामसरी-तिलानेस सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इन सभी जनसमस्याओं को नोट करने और उन पर त्वरित आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।
चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का एकमात्र मुख्य उद्देश्य गांवों का चौमुखी विकास करना और अन्नदाता किसानों की आय को दोगुना करना है। इसके लिए प्रदेश में सिंचाई, शुद्ध पेयजल, ग्रामीण सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उन्नत कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने आम जनता से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और विकास के कामों में जनभागीदारी (पब्लिक पार्टिसिपेशन) सुनिश्चित करने की अपील की।
इस खास मौके पर राज्य के जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, डेगाना विधायक अजय सिंह किलक, मेड़ता विधायक लक्ष्मण कलरू, पूर्व सरपंच रामनिवास खटखड़, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष मदन गोरा, मंडल अध्यक्ष विनय भूकर, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, पूर्व संगठन महामंत्री जगवीर छाबा सहित माधोराम चौधरी, बुद्धाराम गरवा और भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।