Rajasthan

चीनी के दाम में फिर आया उछाल, 2 दिन में रिटेल भाव ₹4 किलो तक बढ़े; सरकार ने घटाई स्टॉक लिमिट

चीनी की कीमतों में पिछले दो दिनों से एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। इससे पहले करीब 8-10 दिनों तक चीनी के भाव लगातार गिर रहे थे, लेकिन मंगलवार को देश के कई बड़े शहरों में रिटेल और थोक कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिटेल बाजार में चीनी के भाव में 4 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है। वहीं होलसेल बाजार में भी कीमतें बढ़ी हैं।

चीनी की कीमतों को लेकर अब बाजार की अगली बड़ी उम्मीद नए गन्ना पेराई सीजन से है। सरकार ने चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पेराई शुरू होने के बाद बाजार में चीनी की नई सप्लाई आने की उम्मीद है, जिससे कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

कई शहरों में बढ़े रिटेल भाव

चीनीमंडी के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को दिल्ली में चीनी का भाव 1 रुपये बढ़कर 61 रुपये प्रति किलो हो गया। कानपुर में 2 रुपये की बढ़ोतरी के साथ भाव 62 रुपये, जबकि रायपुर में सबसे ज्यादा 4 रुपये की तेजी के साथ 62 रुपये प्रति किलो पहुंच गया।

मुंबई में चीनी 3 रुपये बढ़कर 61 रुपये, रांची और कोलकाता में 1 रुपये बढ़कर 61 रुपये, गुवाहाटी में 1 रुपये बढ़कर 62 रुपये, हैदराबाद में 2 रुपये बढ़कर 61 रुपये और चेन्नई में 1 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 63 रुपये प्रति किलो हो गई।

होलसेल बाजार में भी तेजी

रिटेल के साथ चीनी के थोक भाव में भी मंगलवार को बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में थोक भाव 5650 से बढ़कर 5800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कानपुर में यह 5750 से बढ़कर 5850 रुपये और रायपुर में 5300 से बढ़कर 5500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।

मुंबई में चीनी का थोक भाव 5250 से बढ़कर 5300 रुपये, रांची में 5400 से बढ़कर 5500 रुपये, कोलकाता में 5400 से बढ़कर 5500 रुपये और गुवाहाटी में 5450 से बढ़कर 5550 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।

हैदराबाद में थोक भाव 5300 से बढ़कर 5400 रुपये, जबकि चेन्नई में 5900 से बढ़कर 6000 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।

सरकार ने घटाई स्टॉक लिमिट

चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को शुगर डीलर्स के लिए स्टॉक लिमिट घटाने का फैसला लिया गया है। अब डीलर्स अधिकतम 2000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 4000 क्विंटल थी।

नई स्टॉक लिमिट 15 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा करने पर रोक लगाना है।

अब चीनी बाजार की नजर आगामी गन्ना पेराई सीजन पर है। 15 अक्टूबर से मिलों में पेराई शुरू होने के बाद नई चीनी बाजार में आने लगेगी। इससे आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद की जा रही है।