Rajasthan

कलक्टर संदेश नायक ने की पीएनजी कनेक्शन अपनाने की अपील

जयपुर: देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आमजन को सुलभ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क विस्तार कार्यों को गति दी है। बुधवार शाम जिला कलेक्टर संदेश नायक ने शहर की प्रतिष्ठित रंगोली गार्डन्स सोसाइटी में प्रथम घरेलू पीएनजी कनेक्शन का औपचारिक शुभारंभ किया।

 

सुरक्षित, सुलभ और किफायती है पीएनजी

शुभारंभ के अवसर पर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने निवासियों से संवाद करते हुए पीएनजी के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा:

  • सुरक्षा और सुविधा: पीएनजी, एलपीजी सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है। इसमें सिलेंडर बदलने या खत्म होने का झंझट नहीं रहता।

  • किफायती विकल्प: यह न केवल जेब पर हल्की है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • अपील: कलेक्टर ने सोसाइटी के निवासियों से अपील की कि वे देशहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक संख्या में पीएनजी पंजीकरण करवाएं।

 

जयपुर में करीब 18 हजार घरों तक पहुंचा नेटवर्क

जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह ने जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट साझा की।

  • वर्तमान स्थिति: जयपुर जिले में अब तक 17,943 से अधिक घरों को सफलतापूर्वक पीएनजी कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।

  • अधिकृत एजेंसी: भारत सरकार के पीएनजीआरबी द्वारा जयपुर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए टोरेंट गैस जयपुर प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है।

 

स्वच्छ ऊर्जा पर सरकार का फोकस

प्रशासन के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार का साझा लक्ष्य है कि स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए शहर के विभिन्न इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ इस नेटवर्क को पूरी राजधानी में फैलाने के लिए काम कर रही हैं।

 

प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर के साथ उपखण्ड अधिकारी (जयपुर शहर) शैलेश कुमार शर्मा, हृदेश कुमार, शोभित सक्सेना, आलोक रूपराय, अमित जांगिड़, सतीश बेलवाल और शान्तनु चौधरी सहित टोरेंट गैस के अधिकारी और सोसाइटी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासन का मानना है कि पीएनजी का विस्तार न केवल घरों में खाना पकाने को आसान बनाएगा, बल्कि बड़े स्तर पर एलपीजी के आयात पर निर्भरता कम कर विदेशी मुद्रा बचाने में भी मददगार साबित होगा।

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