जयपुर: राजधानी के जयपुरिया अस्पताल परिसर में 90 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े तीन संविदा नर्सिंगकर्मियों का प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन और अधिक उग्र हो गया। 40 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मांगों पर कोई सहमति न बनने से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने हाथ में पेट्रोल की बोतल और लाल कपड़ा लहराते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। टंकी पर कपड़ा जलाकर उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
अस्पताल परिसर में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं:
बढ़ी भीड़ और पुलिस बल: शनिवार को टंकी के आसपास समर्थक संविदा नर्सिंगकर्मियों की भीड़ जमा होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की गई हैं।
बनाया सुरक्षा घेरा: पुलिस के जवान सुरक्षा के लिहाज से नीचे प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को टंकी के नजदीक जाने से रोक रहे हैं और उन्हें खदेड़कर दूर रख रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए टंकी के नीचे सुरक्षा जाल बिछाया गया है।
नर्सेस भर्ती संघर्ष समिति और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
संपर्क टूटा: नर्सेस भर्ती संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष रोशन शर्मा ने बताया कि तीनों साथियों को टंकी पर चढ़े 40 घंटे से अधिक हो चुके हैं। उनके मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाने के कारण अब उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है।
वार्ता बेनतीजा: प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से बातचीत के लिए गया था, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल सका है।
अवसाद और आत्मघाती कदम का डर: समिति का कहना है कि इसी अवसाद के कारण गत 12 जून को उनके एक साथी की मौत हो चुकी है। यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है।
धरना स्थल पर मौजूद महिला संविदा कर्मियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया:
प्रशासन पर आरोप: संविदा नर्सिंगकर्मी राधिका ने कहा कि दो दिन से उनकी एक बहन और दो भाई 90 फीट ऊपर टंकी पर जान जोखिम में डालकर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचा है।
मुख्य मांग: प्रदर्शनकारी नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार और एएनएम (ANM) के 7 हजार पदों पर 'मेरिट और बोनस अंक' के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।