सिकराय (दौसा): सिकराय उपखंड के कालवान गांव में रास्ते के विवाद को लेकर सोमवार को भारी ड्रामा देखने को मिला। प्रजापतों की ढाणी के एक बुजुर्ग की मौत के बाद जब परिजन शव लेकर श्मशान घाट जाने लगे, तो अतिक्रमण के कारण रास्ता अवरुद्ध पाया गया। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने शव के साथ ही प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया।
मृतक के भतीजे सचिन ने बताया कि प्रजापतों की ढाणी निवासी गिरिराज प्रजापत (60) की रविवार को दौसा में करंट लगने से मौत हो गई थी। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे परिजन अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए शव लेकर रवाना हुए, लेकिन श्मशान स्थल तक पहुंचने वाला मुख्य रास्ता बंद होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी।
रास्ता बंद मिलने से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने अंतिम संस्कार रोकने का फैसला किया और दोपहर करीब 3 बजे शव को लेकर सिकराय एसडीएम कार्यालय पहुंच गए।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी: ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर एंबुलेंस खड़ी कर धरना दिया और प्रशासन पर अतिक्रमण न हटाने के आरोप लगाए।
अधिकारियों की दौड़-भाग: सूचना मिलते ही एसडीएम नवनीत कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया और मानपुर थाना इंचार्ज व तहसीलदार को मौके पर भेजा।
प्रशासनिक आदेश के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम कालवान गांव पहुंची।
कार्रवाई: अधिकारियों ने जेसीबी बुलाकर रास्ते में किए गए अतिक्रमण को हटाया।
समझाइश: थाना इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन मानवीय आधार पर दूसरे पक्ष से समझाइश कर रास्ता खुलवाया गया।
अंतिम संस्कार: रास्ता खुलने के बाद पुलिस के सख्त पहरे में गिरिराज प्रजापत का अंतिम संस्कार संपन्न करवाया गया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। हालांकि, हाईकोर्ट में लंबित मामले के कारण रास्ते का स्थायी समाधान अभी बाकी है।