जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित राजस्थानी थीम रेस्टोरेंट 'चोखी ढाणी' में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 181 पोर्टल पर मिली एक गुप्त शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम ने शुक्रवार को रेस्टोरेंट परिसर में औचक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई के दौरान टीम को रेस्टोरेंट की रसोई में बड़े पैमाने पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं। विभाग ने मौके से करीब 90 किलोग्राम संदिग्ध काजू टुकड़ी को सीज कर दिया है और खाना पकाने वाले तेल समेत कई अन्य सामग्रियों के सैंपल जब्त किए हैं।
खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जब टीम रेस्टोरेंट के स्टोर और किचन में पहुंची, तो वहां सब्जियों की ग्रेवी और अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल की जा रही काजू टुकड़ी की गुणवत्ता बेहद संदिग्ध पाई गई:
पैकेजिंग नियमों का उल्लंघन: इस काजू टुकड़ी की पैकिंग पर नियमानुसार न तो बनने की तारीख (Manufacturing Date) दर्ज थी और न ही इसके खराब होने की तारीख (Expiry Date)।
अवैध भंडारण पर एक्शन: इसे पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन और अनियमितता मानते हुए फूड सेफ्टी टीम ने मौके से करीब 90 किलो काजू टुकड़ी (कुल 9 डिब्बे) को तुरंत सीज कर दिया। इसके साथ ही रसोई में इस्तेमाल हो रहे मावे की गुणवत्ता जांचने के लिए उसके भी नमूने लिए गए।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक खुलासा रेस्टोरेंट में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल हो रहे खाद्य तेल को लेकर हुआ। डॉ. टी. शुभमंगला के मुताबिक:
31 प्रतिशत मिला TPC: चोखी ढाणी की रसोई में आलू फ्राई करने के लिए जिस रिफाइंड सोयाबीन तेल का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा था, उसका टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड) जांच में 31 प्रतिशत पाया गया।
स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित: सरकार और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी खाद्य तेल में टीपीसी की अधिकतम सुरक्षित सीमा 25 प्रतिशत ही निर्धारित है। 31 प्रतिशत टीपीसी वाला तेल मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक और 'असुरक्षित' (Unsafe) श्रेणी में आता है। टीम ने इस तेल का नमूना लेकर उसे तुरंत राज्य खाद्य प्रयोगशाला (State Food Laboratory) भेज दिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य कमियां भी उजागर हुई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चोखी ढाणी से लिए गए तेल, मावे और अन्य सभी खाद्य सामग्रियों के नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। यदि लैब की जांच रिपोर्ट में ये सामग्रियां सरकारी मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम' (FSSAI Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पैकिंग और लेबलिंग में भ्रामक जानकारी देने या तारीखें छिपाने के मामले में भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।