छत्रपति: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि CJP फिलहाल कोई राजनीतिक दल नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि इस समय देश को किसी नई राजनीतिक पार्टी से ज्यादा एक मजबूत 'प्रेशर ग्रुप' और जन आंदोलन की जरूरत है। इसलिए संगठन इसी भूमिका में काम करते हुए जनता के मुद्दों को उठाएगा।
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि CJP को एक पारंपरिक राजनीतिक दल का रूप दे दिया जाता, तो यह आंदोलन अपनी मुख्य दिशा से भटक जाता और सफल नहीं हो पाता:
विभिन्न विचारधाराओं की एकजुटता: आंदोलन की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग लोकतंत्र को कमजोर करने वाले तत्वों के खिलाफ एक मंच पर साथ आए।
व्यवस्था पर घटा भरोसा: उन्होंने कहा कि लोगों ने इस आंदोलन को केवल शिक्षा के मुद्दे पर समर्थन नहीं दिया, बल्कि राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर कम होते भरोसे की वजह से साथ दिया है।
जनता का दबाव जरूरी: लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास पुनः बहाल करने के लिए एक व्यापक जन आंदोलन और जनता के निरंतर दबाव की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत हो गई है:
एजेंडा: बैठक से पूर्व मीडिया से वार्ता करते हुए दीपके ने बताया कि इसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया आंदोलन की समीक्षा की जाएगी।
प्रमुख मुद्दे: इसके साथ ही E20 पेट्रोल नीति, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संगठन को देशभर में मजबूत करने की भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा होगी।
CJP प्रमुख ने घोषणा की कि उनका संगठन अब झारखंड का रुख करेगा:
छात्रों के साथ एकजुटता: CJP के प्रतिनिधि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।
मांगों का पूर्ण समर्थन: संगठन ने स्पष्ट किया कि वे झारखंड के छात्रों की हर जायज मांग का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
बैठक के दौरान CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कानूनी और संगठनात्मक पहलुओं की जानकारी दी:
केस वापस लेने पर बातचीत: सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियों (FIR) को रद्द कराने के संबंध में सरकार से बातचीत जारी है।
लीगल और मेडिकल मदद: आंदोलन के दौरान चोटिल या कानूनी पचड़े में फंसे प्रदर्शनकारियों को कानूनी (Legal) और चिकित्सकीय (Medical) मदद पहुँचाने के पूरे इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
सोनम वांगचुक का मार्गदर्शन: उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रसिद्ध पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक CJP के 'मेंटर' के रूप में बने रहेंगे और संगठन समय-समय पर उनके अनुभवों व विचारों का मार्गदर्शन प्राप्त करता रहेगा।