जैसलमेर: जैसलमेर से उत्तराखंड घूमने गए ऋषिकेश एम्स के डॉक्टर दिनेश कुमार के परिवार की कार मंगलवार को अलकनंदा नदी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में डॉ. दिनेश सहित परिवार के 4 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, नदी की तेज धारा में बहे परिवार के 3 अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। हादसे में जीवित बचे इकलौते 12 साल के बच्चे की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद से ही अलकनंदा नदी में लापता लोगों को खोजने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है:
8 किलोमीटर तक खोजबीन: एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने नदी के तेज बहाव के बीच मां और उनकी दो बेटियों को ढूंढने के लिए करीब 8 किलोमीटर के दायरे में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
अब गहराई में होगी तलाश: शुरुआती सतही जांच के बाद अब रेस्क्यू टीमें अलकनंदा नदी की गहराई में उतरकर लापता लोगों की तलाश करेंगी।
पिचकी हुई हालत में मिली इनोवा: रेस्क्यू टीमों को नदी के भीतर वह इनोवा कार मिल गई है जिससे परिवार यात्रा कर रहा था। हादसा इतना भयानक था कि कार पूरी तरह से पिचक चुकी थी, हालांकि कार के भीतर कोई मौजूद नहीं था।
यह परिवार करीब 10 दिन पहले बेहद खुशी-खुशी राजस्थान से उत्तराखंड की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुआ था:
पिता को आश्रम में छोड़ा था: एम्स के डॉक्टर दिनेश कुमार (27) का परिवार चार धाम की यात्रा पर था। उन्होंने 26 मई को अपने पिता लूणाराम को हरिद्वार के पतंजलि आश्रम में पंचकर्म कराने के लिए छोड़ा था।
लौटते समय हुआ हादसा: इसके बाद डॉ. दिनेश, उनकी मां और बड़ी बहन गुड्डी देवी अपने 4 बच्चों के साथ इनोवा कार से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में घूमने निकल गए। वे 2 जून को अपने पिता को वापस लेने के लिए हरिद्वार लौट रहे थे, तभी मंगलवार को यह भयावह हादसा हो गया।
इस दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया है। हादसे का शिकार हुए लोगों की स्थिति इस प्रकार है:
इनकी हुई मौत: हादसे में डॉ. दिनेश कुमार, उनकी मां कमला देवी (67) और उनकी 18 वर्षीय भांजी अश्लेषा की मौके पर ही मौत हो गई। कुल 4 शवों का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
ये सदस्य हैं लापता: डॉ. दिनेश की बड़ी बहन गुड्डी देवी (40), उनकी भांजी नम्रता (20) और जान्हवी (16) हादसे के बाद से अलकनंदा नदी में लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
इस पूरे हादसे में महज एक बच्चा जीवित बचा है, लेकिन उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है:
गंभीर चोटें: डॉ. दिनेश का 12 वर्षीय भांजा आयुष्मान इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चे की जांघ की हड्डी दो अलग-अलग जगहों से टूट गई।
एम्स में इलाज: आयुष्मान को तुरंत ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टर लगातार उसकी जान बचाने की कोशिशों में जुटे हैं।