घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे सांगानेर सदर इलाके के गोविंदपुरा में हुई। एसीपी चाकसू भवानी सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान टोडारायसिंह, टोंक निवासी जगदीश (75) के रूप में हुई है। वह सांगानेर सदर के गोविंदपुरा में अपनी पत्नी और छोटे बेटे सवाई राम जाट के साथ रह रहा था।
डीसीपी साउथ राजर्षिराज वर्मा के अनुसार, पुलिस ने आरोपी सवाई राम जाट (45) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के समय घर में मौजूद उसकी मां सजनी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
प्रारंभिक पूछताछ में सवाई राम ने पिता की हत्या करना स्वीकार किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका पिता शराब पीने के बाद आए दिन परिवार के साथ झगड़ा करता था। इसी बात को लेकर घर में विवाद होता रहता था।
पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त की रात भी पिता और बेटे के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गुस्से में कुल्हाड़ी से पिता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण जगदीश की मौत हो गई।
पिता की हत्या करने के बाद आरोपी ने शव को तत्काल घर से बाहर नहीं निकाला। उसने शव को घर के अंदर ही छिपाकर रखा। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए जगह तलाशता रहा।
जब उसे कोई रास्ता नहीं मिला तो उसने पिता के शव को उनके पैतृक गांव टोडारायसिंह ले जाकर अंतिम संस्कार करने की योजना बनाई। इसी के तहत गुरुवार सुबह गांव जाने के लिए एक टैक्सी बुलाई गई।
आरोपी ने टैक्सी ड्राइवर को बताया कि उसके पिता की मौत हो गई है और शव को गांव ले जाना है। ड्राइवर जब घर पहुंचा तो उसे शव से तेज बदबू आने लगी। स्थिति संदिग्ध लगने पर उसने पुलिस को फोन कर दिया।
टैक्सी ड्राइवर की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी शव को घर से निकालकर पास के खाली प्लॉट में फेंकने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे वहीं पकड़ लिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी समेत अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपी से हत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।
टैक्सी ड्राइवर की सतर्कता के कारण हत्या का मामला जल्द सामने आ गया। अगर ड्राइवर बदबू आने के बाद पुलिस को सूचना नहीं देता तो आरोपी शव को गांव ले जाकर मामले को छिपाने की कोशिश कर सकता था।
पुलिस जांच में इस परिवार का आपराधिक मामला भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, जगदीश, उसकी पत्नी और दोनों बेटों पर वर्ष 2024 में बहू की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में परिवार के चारों सदस्य जेल गए थे।
बहू की हत्या के मामले में जगदीश का बड़ा बेटा अभी भी जेल में है। वहीं करीब चार महीने पहले जमानत मिलने के बाद जगदीश, उसकी पत्नी सजनी और छोटा बेटा सवाई राम जेल से बाहर आए थे।
अब परिवार में एक और हत्या ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से किस तरह का विवाद चल रहा था और क्या पहले भी दोनों के बीच मारपीट या अन्य किसी तरह की घटना हुई थी।
फिलहाल सवाई राम पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या के पूरे घटनाक्रम, आरोपी की भूमिका और उसकी मां की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।