जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित एक पुश्तैनी हवेली में तोड़फोड़ के दौरान मिली तीसरी तिजोरी को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। हवेली के मलबे से निकली तिजोरी को पूर्व मालिक परिवार का एक युवक उठाकर अपने साथ ले गया। वर्तमान मालिक की आपत्ति और पुलिस की सूचना के बाद युवक को समझाइश कर वापस बुलाया गया। लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब पुलिस की मौजूदगी में कटर से तिजोरी को काटा गया, तो वह पूरी तरह खाली निकली, जिसके साथ ही हवेली में गुप्त खजाना होने की तमाम अटकलों पर विराम लग गया।
यह पूरी घटना मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जयपुर के धाभाई जी के खुर्रे इलाके में स्थित प्रसिद्ध 'मुंबई वालों की हवेली' में हुई:
मलबे से निकली तिजोरी: हवेली के एक हिस्से को तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान जब जेसीबी से पुरानी दीवार गिराई गई, तो मलबे के साथ एक लोहे की तिजोरी बाहर आ गिरी।
तिजोरी लेकर निकला युवक: जेसीबी ड्राइवर रिहान ने तिजोरी को मलबे से सुरक्षित निकालकर एक किनारे रख दिया था। मौके पर भीड़ जुटने लगी, तभी हवेली के पूर्व मालिक परिवार का सदस्य अभिषेक अग्रवाल एक्टिवा से मौके पर पहुँचा और तिजोरी को गाड़ी पर रखकर वहाँ से चला गया।
हवेली को खरीदने वाले नए मालिक रमेश नारनोली ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई:
पहले भी मिल चुकी हैं दो तिजोरियां: रमेश नारनोली ने बताया कि हवेली को गिराने का काम चल रहा है। इससे पहले भी हवेली से दो तिजोरियां मिल चुकी थीं, जिन्हें पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ही खोला गया था, हालांकि वे दोनों भी खाली निकली थीं।
आपत्ति के बाद वापस आई तिजोरी: उन्होंने कहा कि संपत्ति का स्वामित्व (Ownerhsip) पूरी तरह बदलने के बाद तिजोरी को इस तरह बिना बताए ले जाना अनुचित था। इसे सीधे पुलिस को सौंपा जाना चाहिए था। सुबह 11 बजे जब उन्हें इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने पुलिस में आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस की समझाइश पर युवक तिजोरी वापस लेकर आया।
तिजोरी के वापस आने के बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई:
कटर से काटा गया: तिजोरी का लॉक बेहद पुराना और मजबूत होने के कारण उसे कटर की मदद से काटना पड़ा।
अटकलों पर विराम: करीब 3 घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद जब तिजोरी का ढक्कन खोला गया, तो अंदर कोई कीमती सामान या दस्तावेज नहीं मिले। तिजोरी पूरी तरह खाली निकलने के बाद दोनों पक्षों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।