जैसलमेर वन विभाग के उप वन संरक्षक (DFO) देवेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार देर शाम मोहनगढ़ क्षेत्र में आरएनडी माइनर के पास खेतों में काम कर रहे किसानों को अचानक पानी के पास करीब 10 फीट लंबा और भारी-भरकम घड़ियाल नजर आया:
दहशत का माहौल: इतना विशालकाय घड़ियाल देखते ही आसपास के किसानों और ग्रामीणों में डर फैल गया।
सराहनीय समझदारी: ग्रामीणों ने खुद घड़ियाल के पास जाने या उसे पकड़ने का जोखिम उठाने के बजाय तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही मोहनगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) हनुमान राम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घड़ियाल का वजन और आकार अधिक होने के कारण रेस्क्यू काफी चुनौतीपूर्ण था:
जाल और रस्सी से काबू: वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से जाल और रस्सियों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया।
छटपटाहट: करीब एक घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान घड़ियाल लगातार खुद को बचाने के लिए छटपटाता रहा और अपनी पूंछ को जमीन पर जोर-जोर से पटकता रहा।
सुरक्षित रेस्क्यू: टीम की सूझबूझ से घड़ियाल को बिना किसी चोट के पूरी तरह सुरक्षित काबू में कर लिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, माइनर में पानी का स्तर काफी कम हो गया था और घड़ियाल को भोजन के लिए पर्याप्त मछलियां भी नहीं मिल पा रही थीं। ऐसे में यदि समय रहते उसे सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जाता, तो पानी की कमी और भुखमरी के कारण उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। वन विभाग अब उसे उसके अनुकूल प्राकृतिक पर्यावास (Natural Habitat) में सुरक्षित छोड़ने की प्रक्रिया में जुटा है।