Rajasthan

कारगिल विजय दिवस समारोह में गूंजा देशभक्ति का संदेश, वीर नारियों के लिए कानून बनाने की मांग उठी

जयपुर। सरस्वती बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, जयपुर में भारत विकास परिषद के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में देशभक्ति और राष्ट्र समर्पण से ओतप्रोत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत विकास परिषद के अध्यक्ष सुनील बायोतरा एवं सचिव डॉ. देवेंद्र व्यास के निर्देशन एवं देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति के प्रतीक गीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन, मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा विद्यालय वंदना के साथ हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ एवं कर्नल राजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे, जबकि वीर नारी कृष्णा कंवर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को स्मरण किया गया।

अपने प्रेरक संबोधन में कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ ने कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय सेना के वीर जवानों ने अत्यंत दुर्गम एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में अद्वितीय शौर्य का परिचय देते हुए द्रास और कारगिल की ऊंची चोटियों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर पुनः तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।

कर्नल लोहामरोड़ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सेवाकाल के दौरान किसी भी कारणवश वीरगति अथवा अकाल मृत्यु को प्राप्त होने वाले सैनिकों की पत्नियों (वीर नारियों) के लिए अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) का स्थायी कानूनी प्रावधान किया जाए, ताकि उनके परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य मिल सके। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा बालिकाओं में सैन्य शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 10 नए सैनिक विद्यालयों की स्वीकृति तथा सीकर एवं बीकानेर में नए सैनिक विद्यालय प्रारंभ करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कर्नल राजेंद्र सिंह शेखावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने और देश सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर सोमनाथ डांडा, सुमित्रा बयोतरा, दिलीप कुमार दीक्षित, हेमंत जी, राधेश्याम, अनिल बसा एवं गोपाल चेतावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।