Rajasthan

भरतपुर के RPF जवान लोकेश कुमार का अंतिम संस्कार: तिरंगे में लिपटा पहुंचा शव, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई

 

शोक में डूबा जिरौली गांव, RPF ने दी सलामी

भरतपुर के जिरौली गांव निवासी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार का बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा लोकेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। अंतिम संस्कार से पूर्व RPF अधिकारियों एवं जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर सलामी दी और पूरे सैन्य सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान 'लोकेश कुमार अमर रहे' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

9 अगस्त को हरदा स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा

लोकेश कुमार मध्यप्रदेश के भोपाल मंडल अंतर्गत हरदा रेलवे स्टेशन पर कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। 9 अगस्त को बारिश के दौरान वे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर मुस्तैदी से गश्त कर रहे थे। इसी बीच प्लेटफॉर्म पर पैर फिसलने के कारण वे अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरे। उसी वक्त ट्रैक से गुजर रही लोकमान्य तिलक-गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20301/15017) की चपेट में आने से उनके दोनों पैर धड़ से अलग हो गए। इस भयानक हादसे में लोकेश कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

GRP और RPF ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

दुर्घटना के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और RPF की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकेश के भाई चंद्रशेखर पार्थिव शरीर को लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुए, जिसके बाद बुधवार को उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

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