जालोर: जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के बालवाड़ा गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। बिजली फाल्ट ठीक करने खंभे पर चढ़े एफआरटी (FRT) कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि युवक का शव करीब 5 घंटे तक पोल पर लटका रहा। इसी बीच, बेटे की मौत की खबर सुनकर मौके पर आ रहे पिता भी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, थलुंडा निवासी अखाराम मेघवाल (35) बिजली विभाग की एफआरटी टीम में कार्यरत थे। बुधवार सुबह करीब 9 बजे उन्हें फाल्ट ठीक करने के लिए बालवाड़ा बुलाया गया था।
कैसे हुआ हादसा: अखाराम ने बालवाड़ा जीएसएस से शटडाउन लेकर 11KV लाइन पर काम शुरू किया था। इसी दौरान किसी ने गलत सूचना दे दी कि लाइन क्लियर है, जिसके बाद लाइनमैन ने बिजली चालू कर दी।
मौके पर मौत: करंट का जोरदार झटका लगते ही अखाराम की मौके पर ही मौत हो गई और उनका शव तारों के बीच ही फंसकर लटक गया।
हादसे की खबर जैसे ही अखाराम के घर पहुंची, कोहराम मच गया। मृतक के पिता रूपाराम अपने दो परिचितों पप्पूराम और वालाराम के साथ बाइक पर सवार होकर मौके के लिए निकले।
कैंपर ने मारी टक्कर: रास्ते में एक तेज रफ्तार कैंपर गाड़ी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में रूपाराम के दोनों पैर टूट गए और सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई है। उनके साथ आ रहे दोनों साथियों के भी एक-एक पैर टूट गए हैं। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। शव 5 घंटे तक पोल पर ही लटका रहा, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस लाइनमैन को बचाने की कोशिश कर रही थी।
काफी देर चले विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद बिजली विभाग के XEN लालचंद मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों के साथ हुई वार्ता के बाद निम्नलिखित सहमति बनी:
मुआवजा: परिवार को 11 लाख रुपए का मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया।
शव को उतारा: समझौते के बाद शव को पोल से उतारकर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।