जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट पोलिंग बूथ पर सुबह से ही तनाव का माहौल था।
मतदान रद्द: यहां फर्जी वोटिंग की शिकायतों को लेकर वकीलों ने जोरदार हंगामा कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख चुनाव अधिकारियों ने हाईकोर्ट बूथ के चुनाव को रद्द करने का फैसला लिया।
वोटरों की संख्या: यह प्रदेश का सबसे बड़ा पोलिंग बूथ है, जहां 14,781 एडवोकेट वोटर पंजीकृत हैं। अब यहां मतदान के लिए नई तारीख घोषित की जाएगी।
देरी से शुरुआत: सुबह यहां मतदान करीब 50 मिनट देरी से शुरू हुआ था, जहां 94 वर्षीय रिटायर्ड जस्टिस विजय शंकर दवे ने पहला वोट डाला था।
अव्यवस्था का आलम केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहा, प्रदेश के अन्य जिलों में भी चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई:
जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर हेरिटेज बिल्डिंग में बनाए गए चारों बूथों पर बैलेट पेपर खत्म हो गए, जिसके कारण मतदान स्थगित करना पड़ा।
जयपुर सेशन कोर्ट: यहां भी भारी अनियमितताओं और फर्जी वोटिंग की शिकायतों के चलते चुनाव रद्द कर दिए गए।
रायसिंह नगर (श्रीगंगानगर): बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद मतदान रोककर पोलिंग बूथ पर ताला लगा दिया गया।
करीब 3 साल की देरी और 8 साल के लंबे अंतराल के बाद BCR के ये चुनाव हो रहे हैं।
प्रत्याशी और पद: 23 पदों के लिए कुल 234 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
वोटर: प्रदेश के 258 पोलिंग बूथों पर कुल 84,247 वकीलों को वोट डालना था।
विशेषता: इन चुनावों में पहली बार महिला वकीलों को आरक्षण दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
नियमों के मुताबिक, जहां मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है, वहां की मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएंगी।
जोधपुर शिफ्टिंग: सभी मतपेटियां कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर पहुंचाई जाएंगी।
रिजल्ट की तारीख: मतगणना 29 अप्रैल से शुरू होने का कार्यक्रम है। हालांकि, जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े केंद्रों पर चुनाव रद्द होने के बाद अब परिणाम की तिथि पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
चुनाव रद्द होने और अव्यवस्थाओं को लेकर एडवोकेट समुदाय में काफी रोष है। वकीलों का कहना है कि इतने बड़े स्तर के चुनाव के लिए प्रशासन और BCR को पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे। फर्जी वोटिंग की घटनाओं ने चुनाव की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।