जयपुर: राजधानी के वैशाली नगर स्थित गांधी नगर इलाके में गुरुवार दोपहर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में बड़ा हादसा हो गया। बेसमेंट निर्माण के लिए की गई गहरी खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी की विशाल ढांग ढह गई, जिसकी चपेट में आने से वहां मजदूरी कर रही तीन महिला श्रमिकों की मौके पर ही मलबे में दबकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और शवों को सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल भिजवाया।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ:
मृतकों की पहचान: इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाएं बिहार की रहने वाली थीं। मृतकों की पहचान सुनीता देवी, अनुती कुमारी और प्रतिमा कुमारी के रूप में हुई है।
लंबे समय से कर रही थीं काम: बताया जा रहा है कि ये तीनों महिलाएं पिछले 4 महीनों से इसी कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी का काम कर रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों और साथी मजदूरों के अनुसार, बेसमेंट के लिए काफी गहराई तक खुदाई का काम किया जा चुका था, जो हादसे का मुख्य कारण बना:
अचानक ढहा मलबा: साइट पर करीब 20 फीट तक गहरी खुदाई की जा चुकी थी और नीचे की मिट्टी को समतल (लेवल) करने का काम चल रहा था।
संभलने का नहीं मिला मौका: तीनों महिलाएं जब नीचे काम कर रही थीं, तभी ऊपर से सूखी मिट्टी की एक भारी ढांग सीधे उनके ऊपर आ गिरी। गहराई अधिक होने के कारण महिलाओं को वहां से भागने या संभलने का जरा सा भी मौका नहीं मिला।
हादसा होते ही साइट पर मौजूद अन्य श्रमिकों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया:
हाथों से हटाई मिट्टी: साथी मजदूरों ने पहले अपने स्तर पर मिट्टी हटाकर महिलाओं को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन मलबे की मात्रा बहुत ज्यादा थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित: इसके बाद तुरंत मौके पर जेसीबी (JCB) मशीन को बुलाया गया। करीब 20 मिनट की भारी मशक्कत और कड़ी क्रेन की मदद से तीनों महिलाओं को मिट्टी से बाहर निकाला जा सका। उन्हें तुरंत बेहोशी की हालत में एसएमएस (SMS) अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी अस्पताल और घटना स्थल पर पहुंचे:
जांच में जुटी पुलिस: पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचित कर दिया है और पूरे मामले की विधिक जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा में लापरवाही का आरोप: इस हादसे ने एक बार फिर शहर में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 20 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा खोदे जाने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।