यह पूरी घटना गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे की है, जिसके बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई।
भदवासिया मंडी में जब नगर निगम की पीला पंजा (जेसीबी) अवैध निर्माणों को ढहा रही थी, तभी कार्रवाई की जद में आए एक युवक का चाय का केबिन हटाया जाने लगा। केबिन हटाए जाने से नाराज युवक निगम की टीम के साथ उलझ गया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इतने से भी जब उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो वह विरोध दर्ज कराने के लिए सीधे गरजती हुई जेसीबी मशीन के ऊपर जाकर चढ़ गया। काफी देर तक उसने निगम की कार्रवाई को बाधित करने का प्रयास किया।
जानकारी के मुताबिक, भदवासिया मंडी मोड़ पर स्थित 'रामदेव रेस्टोरेंट' के बाहर अवैध रूप से लगाए गए शेड को निगम की टीम हटाने की तैयारी कर रही थी। होटल मालिक इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध कर रहा था। उसका तर्क था कि अगर कार्रवाई करनी है, तो उसके साथ-साथ सड़क पर मौजूद दूसरे सभी लोगों का भी अतिक्रमण हटाया जाए, सिर्फ उसे निशाना न बनाया जाए।
दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस चलती रही। इसी बीच, होटल मालिक (बुजुर्ग) अचानक रेस्टोरेंट के अंदर गया और हाथ में ऑयल से भरी बोतल लेकर बाहर आया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने वह ऑयल अपने ऊपर उड़ेल लिया।
होटल मालिक द्वारा खुद पर तेल छिड़कते ही मौके पर मौजूद निगम के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। अनहोनी की आशंका को देखते हुए टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और बुजुर्ग को अपनी गिरफ्त में लिया। स्थिति को बिगड़ता देख परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन पर एक गीला तौलिया डाला ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
इसके बाद परिवार के लोग और रेस्टोरेंट का स्टाफ उन्हें खींचकर होटल के अंदर ले जाने लगा। इसी आपाधापी और गुस्से के बीच बुजुर्ग ने अपने हाथ से रेस्टोरेंट के कांच के गेट पर दे मारा, जिससे कांच का गेट चकनाचूर हो गया। फिलहाल पुलिस और निगम प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।