करौली: करौली जिले के ऐतिहासिक पांचना बांध से पानी की निकासी को लेकर पिछले दो दशकों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार आज समाप्त हो गया। सोमवार को बांध से पूरे 20 साल बाद आधिकारिक तौर पर पानी छोड़ा गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हुए जल संसाधन व सिंचाई मंत्री सुरेश रावत, गृह राज्य मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बटन दबाकर बांध के गेट खोले। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीरी नदी में पानी की निकासी शुरू की गई, जिसके साथ ही क्षेत्र का 20 साल पुराना बड़ा विवाद हमेशा के लिए खत्म हो गया।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा की गई विशेष व्यवस्था के तहत आज पांचना बांध से एक साथ तीन अलग-अलग क्षेत्रों के लिए पानी की निकासी शुरू की गई:
गंभीरी नदी: बटन दबाकर बांध के 3 मुख्य गेट खोले गए, जिससे नदी में पानी का तेज प्रवाह शुरू हुआ।
मुख्य नहरें: इसके बाद मंत्रियों ने पारंपरिक चाबी से गेट खोलकर बांध की नहरों में पानी छोड़ा, जिससे कमांड एरिया के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।
गुडला पांचना लिफ्ट: इसी के साथ गुडला पांचना लिफ्ट परियोजना में भी पानी छोड़ने की शुरुआत की गई, जिससे क्षेत्र के बड़े हिस्से को पानी मिल सकेगा।
पानी छोड़ने के इस मुख्य कार्यक्रम से पहले क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। मंत्रियों ने बांध से पानी की सुचारू निकासी और सदुपयोग के लिए 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं और गुड़ला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम रिमॉडलिंग का शिलान्यास किया। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर करीब 61 लाख रुपए की लागत आएगी। यह भव्य समारोह पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित किया गया था।
पांचना बांध से पानी खोलने का यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच हुई एक मैराथन बैठक के बाद लिया गया था। दरअसल, बीते 30 जून को जयपुर के शिक्षा संकुल में राज्य सरकार के तीन प्रमुख मंत्रियों और विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक वार्ता हुई थी। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी मतभेदों को भुलाकर सहमति जताई थी और निर्णय लिया था कि 6 जुलाई से बांध का पानी खोल दिया जाएगा। आज उसी वादे के मुताबिक तय तारीख पर बांध के गेट खोलकर क्षेत्र के किसानों और आम जनता को बड़ी राहत दी गई है।