Rajasthan

अजमेर दरगाह से उठा पैगाम, मुस्लिम एकता मंच ने रैली निकाल कर की 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

अजमेर: तीर्थ नगरी अजमेर में शुक्रवार को 'मुस्लिम एकता मंच' के बैनर तले एक अनोखी और ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया गया। देश के करोड़ों सनातनियों की आस्था का सम्मान करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने गाय (गौ माता) को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर से शुरू हुई यह रैली दिल्ली गेट पहुंची, जहां मुस्लिम समाज और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा।

 

दरगाह बाजार से दिल्ली गेट तक उमड़ी भीड़, हर धर्म के लोग हुए शामिल

इस खास मार्च में केवल मुस्लिम समाज ही नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की भागीदारी देखने को मिली:

  • सर्वधर्म समाज की मौजूदगी: रैली में मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अलग-अलग राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आए।

  • सख्त कानून की मांग: रैली के दौरान दिल्ली गेट पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने देश में गौ-तस्करी और गौ-हत्या पर पूरी तरह से सख्त कानूनी प्रतिबंध लगाने की पुरजोर वकालत की।

 

"सनातन आस्था का सम्मान करता है मुस्लिम समाज"- एकता मंच

मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारियों ने इस पहल के पीछे की मुख्य वजह और इसके सामाजिक महत्व को रेखांकित किया:

  • सौहार्द की नई मिसाल: पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के करोड़ों हिंदू भाई-बहनों की गाय के प्रति बेहद गहरी और पवित्र आस्था है। मुस्लिम समाज दिल से उस आस्था का पूरा सम्मान करता है।

  • गौ संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा: मंच का मानना है कि केंद्र सरकार को एक विशेष कानून बनाकर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देना चाहिए। इससे न केवल गौ माता का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि देश में सामाजिक और धार्मिक सौहार्द भी और ज्यादा मजबूत होगा।

 

बीफ निर्यात और गाय के नाम पर राजनीति बंद करने की मांग

मंच से वक्ताओं ने सरकार के सामने कुछ बेहद कड़े और नीतिगत बिंदु भी रखे:

  • निर्यात पर लगे पूरी रोक: रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से देश भर में गौ-हत्या के साथ-साथ बीफ (गौ मांस) के निर्यात पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की।

  • वोट बैंक की राजनीति खत्म हो: नेताओं और वक्ताओं ने कहा कि अब समय आ गया है जब गाय के नाम पर केवल राजनीति और बयानबाजी करने के बजाय इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने जैसा ठोस और ऐतिहासिक निर्णय लिया जाना चाहिए।

 

संतों ने मुस्लिम समाज को सराहा— "दरगाह से हमेशा जाता है मोहब्बत का पैगाम"

मुस्लिम समाज द्वारा उठाए गए इस बड़े कदम की हिंदू संतों और सनातन धर्मगुरुओं ने खुले दिल से प्रशंसा की है:

  • अमन और भाईचारे का संदेश: इस विशेष रैली में शामिल होने जयपुर से अजमेर पहुंचे संत गणेश महाराज ने इस कदम को देश की एकता के लिए मील का पत्थर बताया।

  • सकारात्मक पहल: संत गणेश महाराज ने कहा, "सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से सदियों से हमेशा अमन, चैन और मोहब्बत का पैगाम पूरी दुनिया में जाता रहा है। ऐसे में आज गौ संरक्षण और गौ माता के सम्मान के लिए इसी पावन स्थल से आवाज उठना पूरे देश के लिए एक बेहद सकारात्मक और बड़ा संदेश है।"

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