नाचना थानाधिकारी सुमेरदाना ने बताया कि हादसा सोमवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। पत्थर की पट्टियों से लदा ट्रक बालसेर से नाचना की ओर जा रहा था। ट्रक में एक ही परिवार के पांच लोग सवार थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रास्ते में ट्रक की स्टीयरिंग अचानक फेल हो गई। इसी दौरान बारिश के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढों में वाहन का पहिया उतर गया, जिससे चालक ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे पलट गया।
हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पलटते ही उसमें भरी सैकड़ों किलो वजनी पत्थर की पट्टियां केबिन के ऊपर आ गिरीं। उस समय केबिन के ऊपर सो रहे दो युवक पट्टियों के नीचे दब गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पत्थर की भारी पट्टियों को हटाना आसान नहीं था, इसलिए हथौड़ों की मदद से उन्हें तोड़ा गया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान फलोदी क्षेत्र के देचू स्थित नई नाड़ी सगरा निवासी लाखाराम (36) पुत्र धनाराम भील और अमराराम (37) पुत्र दुर्गाराम भील के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरे भाई थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों और गांववासियों में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे में घायल मुकेश (35) पुत्र हरूराम भील, घेवरराम (38) और गणपत राम (44) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने शवों को परिजनों की मौजूदगी में मोर्चरी में रखवाया है और पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच भी की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर खराब सड़क स्थिति और भारी वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।